नोएडा में फिर हुआ युवराज जैसा हादसा: पिकनिक मनाने गए छात्र की गड्ढे में डूबकर मौत, 3 अस्पताल में भर्ती

तस्वीर पानी से लबालब भरे इस गड्ढे की है. इमेज सोर्स-एक्स/एएनआई से स्क्रीनशॉट.
Noida Student Drowning: नोएडा के सेक्टर 94 में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. परीक्षा खत्म होने के बाद खुशी-खुशी पिकनिक मनाने निकले चार यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स एक गहरे गड्ढे में गिर गए. बारिश के पानी से लबालब भरे इस गड्ढे में डूबने से एक छात्र की जान चली गई, जबकि तीन अन्य को बचा लिया गया है.
Noida Student Drowning: डीसीपी नोएडा साद मियां खान के मुताबिक, सेक्टर-126 थाना क्षेत्र में कुछ युवकों के डूबने की सूचना मिली थी. ये सभी दोस्त अपनी यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं खत्म होने के बाद पिकनिक मनाने के लिए एक खाली प्लॉट पर गए थे. वहां बिना फेंसिंग (घेराबंदी) वाले एक खाली प्लॉट में बारिश का पानी भरा हुआ था. गहराई का अंदाजा न होने के कारण छात्र उसमें गिर गए. सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
रेस्क्यू के बाद भी नहीं बच सकी जान
पुलिस और NDRF की टीम ने काफी मशक्कत के बाद चारों लड़कों को बाहर निकाला. इनमें से एक छात्र बेहोश था, जिसे बचाने की कोशिश की गई लेकिन अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया. बाकी तीन छात्रों का फिलहाल इलाज चल रहा है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है.
#WATCH | Noida, Uttar Pradesh: On youth dies after falling into water-filled pit in Sector 94, DCP Noida Saad Miya Khan says, "Earlier today, information was received from the Sector-126 police station area that some youths had drowned. Immediately, teams from the police, fire… pic.twitter.com/gJoNmFDutA
— ANI (@ANI) April 8, 2026
सुरक्षा के इंतजाम न होने से फिर उठा सवाल
इस हादसे ने नोएडा में खाली पड़े प्लॉट और अंडर-कंस्ट्रक्शन साइट्स पर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां न तो कोई बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी का बोर्ड लगा था. अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा के इन पुख्ता इंतजामों की कमी ही इस जानलेवा घटना की बड़ी वजह बनी.
युवराज मेहता केस की यादें हुईं ताजा
यह हादसा कुछ महीनों पहले हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की याद दिलाता है. 16 जनवरी को सेक्टर 150 में कोहरे की वजह से युवराज की कार एक 70 फीट गहरे खुले गड्ढे में गिर गई थी. उस समय युवराज 90 मिनट तक कार की छत पर खड़े होकर अपने पिता को फोन कर मदद मांगते रहे थे, लेकिन समय पर रेस्क्यू न होने के कारण उनकी जान चली गई थी.
प्रशासन ने किए थे दावे
युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा अथॉरिटी ने शहर के सभी ‘डेथ पॉइंट्स’ (खतरनाक जगह) की पहचान करने और वहां फेंसिंग व साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए थे. नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन CEO कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी कि ऐसी जगहों की लिस्ट बनाकर सुरक्षा बढ़ाई जाए. यहां तक कि लापरवाही के आरोप में एक जूनियर इंजीनियर को नौकरी से निकाल दिया गया था और कईयों को नोटिस दिया गया था, लेकिन सेक्टर 94 का यह ताजा मामला बताता है कि सुधार अब भी अधूरा है.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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