कच्चा तेल लेकर पहला जहाज भारत पहुंचा, होर्मुज स्ट्रेट के पास हो गया था गायब

लाइबेरिया ध्वज वाला जहाज, फोटो एक्स
Hormuz Strait: ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर है. कच्चा तेल लेकर एक जहाज भारत पहुंच गया है. जो होर्मुज स्ट्रेट के पास 8 मार्च को गायब हो गया था.
Hormuz Strait: जहाज बुधवार को दोपहर 1 बजे मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा और शाम 6:06 बजे जवाहर द्वीप पर लंगर डाला गया. इसमें 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा है, जिसकी आपूर्ति पूर्वी मुंबई के माहुल स्थित रिफाइनरियों को की जाएगी. कच्चे तेल को उतारने की प्रक्रिया में लगभग 36 घंटे लगने की उम्मीद है.
लाइबेरिया ध्वज वाला पहला जहाज भारत पहुंचा
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचने वाला जहाज लाइबेरिया ध्वज वाला शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स था. जो होर्मुज जलडमरूमध्य होते हुए मुंबई पहुंचा. ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग शुरू होने के बाद से यह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरकर भारत पहुंचने वाला पहला जहाज बन गया है.
सऊदी अरब से 3 मार्च को रवाना हुआ था जहाज, 8 मार्च को हो गया था गायब
एएनआई के अनुसार टैंकर ने 1 मार्च को सऊदी अरब के रास तनुरा बंदरगाह से कच्चा तेल लोड किया था, और 3 मार्च को रवाना हुआ था. समुद्री ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि 8 मार्च को यह पोत होर्मुज जलडमरूमध्य में था , जिसके बाद यह अस्थायी रूप से ट्रैकिंग सिस्टम से गायब हो गया, फिर 9 मार्च को ट्रैकिंग सिस्टम पर दोबारा दिखाई दिया.
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय जहाज ने ट्रांसपोंडर बंद कर दिया था
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट के समय खतरा वाले हिस्से से गुजरते समय टैंकर ने अपना स्वचालित पहचान प्रणाली (AIS) ट्रांसपोंडर बंद कर दिया था. ट्रांसपोंडर एक जरूरी समुद्री वीएचएफ रेडियो प्रणाली है. यह टक्करों को रोकने और नेविगेशन को बेहतर बनाने के लिए जहाजों में लगाया जाता है. ट्रांसपोंडर जहाज की पहचान, स्थिति, स्पीड, रास्ते को आसपास के जहाजों और तटवर्ती स्टेशनों तक ऑटोमेटिक रूप से सूचना देता है.
जहाज में भारतीय और पाकिस्तानी सहित चालक दल के 29 सदस्य सवार थे
सऊदी से मुंबई पहुंचने वाले जहाज में भारतीय , पाकिस्तानी और फिलिपिनो नागरिकों सहित 29 चालक दल के सदस्य सवार थे. जहाज का कप्तान एक भारतीय है. टैंकर शेनलॉन्ग शिपिंग लिमिटेड का है. जिसका देखरेख एथेंस स्थित डायनाकॉम टैंकर मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा किया जाता है.
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमला कर रहा है ईरान, भारत को दी राहत
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध और कड़ा कर दिया है. हालांकि भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के बात करने के बाद ईरान ने भारत के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है.
होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में भारत के 24 जहाज खड़े हैं
भारत के जहाजरानी मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज वर्किंग हैं. इनमें से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में स्थित हैं, जिनमें 677 भारतीय नाविक सवार हैं, जबकि चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्व में स्थित हैं, जिनमें 101 भारतीय नाविक सवार हैं.
क्यों खास है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के तट को अलग करने वाला एक पतला जलमार्ग है. जो करीब 33 किलोमीटर चौड़ा है. यहां से प्रतिदिन 2 करोड़ बैरल से अधिक कच्चे तेल का ट्रांसपोर्टेशन होता है. यह दुनिया भर में तेल खपत का लगभग पांचवां और समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा है.
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By ArbindKumar Mishra
मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.
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