क्या भारत में गहरा सकता है गैस संकट? मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार का आया बयान

Published by : Pritish Sahay Updated At : 05 Mar 2026 7:16 PM

विज्ञापन

ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार ने क्या कहा?

मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच भारत सरकार ने साफ किया कि देश में एलपीजी और एलएनजी की कोई कमी नहीं होगी. ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है, भंडार पर्याप्त है, और आपूर्ति लगातार बनी रहेगी. भारत वैकल्पिक स्रोतों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से संपर्क में है, तेल और गैस खरीद, अनुबंध और बीमा पर लगातार समीक्षा कर रहा है.

विज्ञापन

Middle East War: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच भारत में एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) की आपूर्ति को लेकर भारक सरकार ने राहत वाला बयान दिया है. सरकार ने साफ किया है कि देश में गैस की कमी नहीं होगी. आपूर्ति लगातार बनी रहेगी और आम लोगों और उद्योगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. गुरुवार को सरकार के सूत्रों ने बताया कि…

  • ऊर्जा सुरक्षा के मामले में भारत की स्थिति बेहद मजबूत है. वर्तमान में भंडार की स्थिति संतोषजनक है. भंडार की भरपाई प्रतिदिन की जा रही है.
  • एलपीजी या एलएनजी की कोई कमी नहीं है. विश्व में कच्चे तेल की भी कोई कमी नहीं है. भारत अन्य आपूर्तिकर्ताओं के साथ भी संपर्क में है.
  • ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी भारत को गैस बेचने की पेशकश की है. भारत अन्य वैकल्पिक स्रोतों की भी तलाश कर रहा है. हाल ही में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका के साथ एक नया अनुबंध किया है.
  • भारत 195 मिलियन वर्ग मीटर प्रति माह गैस आयात करता है, जिसमें से कतर केवल 60 मिलियन वर्ग मीटर प्रति माह गैस की आपूर्ति करता है. भारत गैस खरीदने के लिए वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रहा है.
  • भारत कच्चे तेल और एलपीजी की खरीद के लिए प्रमुख तेल उत्पादकों और व्यापारियों के साथ बातचीत कर रहा है.
  • भारत अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) और पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के साथ बातचीत कर रहा है.
  • भारत जहाजों के बीमा के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है. भारत दिन में दो बार ऊर्जा स्थिति की समीक्षा कर रहा है.

भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार, मंत्रालय ने दी जानकारी

इससे पहले मंगलवार (3 मार्च) को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि भारत के पास पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) सहित सभी प्रमुख तेल उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है. उन्होंने कहा था कि बीते वर्षों में भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाकर आपूर्ति को सुरक्षित किया है. इसके चलते अब कंपनियों के पास ऐसे वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध हैं जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग से गुजरते बिना ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित कर सकते हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि सरकार स्थिति की निरंतर निगरानी कर रही है और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया समझौतावादी होने का आरोप

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका-इजराइल और ईरान में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. राहुल गांधी ने उन्हें समझौतावादी कहा है. अपने बयान में कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत की सामरिक स्वायत्तता का समर्पण कर दिया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा “विश्व एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है. समुद्री क्षेत्र में बड़ी चुनौतियां सामने हैं. भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारा 40 प्रतिशत से अधिक तेल आयात हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग से होकर गुजरता है. एलपीजी और एलएनजी की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है. राहुल गांधी ने कहा कि हाल ही में हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत के डूबने से यह संघर्ष भारत की दहलीज तक पहुंच गया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की.

Also Read: ट्रंप और इजराइलियों का खून बहाने पर आतुर हुआ अयातुल्ला, दिया ‘खूनी’ बयान

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola