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Cooperative: देश में पहली बार होने जा रहा है संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 

Updated at : 21 Nov 2024 7:39 PM (IST)
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Cooperative: देश में पहली बार होने जा रहा है संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 

वैश्विक सहकारी आंदोलन के लिए प्रमुख निकाय, अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (आईसीए) के 130 साल के लंबे इतिहास में पहली बार इफको की पहल पर आईसीए महासभा और वैश्विक सहकारी सम्मेलन की मेजबानी भारत करने जा रहा है. इसकी घोषणा सहकारी संस्था इफको, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन ने गुरुवार को की.

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Cooperative: देश में पहली बार संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 का आयोजन होगा. इस आयोजन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. वैश्विक सहकारी आंदोलन के लिए प्रमुख निकाय, अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (आईसीए) के 130 साल के लंबे इतिहास में पहली बार इफको की पहल पर आईसीए महासभा और वैश्विक सहकारी सम्मेलन की मेजबानी भारत करने जा रहा है.  इसकी घोषणा सहकारी संस्था  इफको, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन ने गुरुवार को की. केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव आशीष कुमार भूटानी ने आयोजन की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 25 नवंबर को कार्यक्रम को संबोधित करेंगे.

इस कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025  पर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया जाएगा. इफको लिमिटेड के प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी ने कहा कि भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे जी और फिजी के उप प्रधानमंत्री मनोआ कामिकामिका भी कार्यक्रम में शामिल होंगे. यह कार्यक्रम 25 नवंबर से 30 नवंबर 2024 तक भारत मंडपम में होगा. इसमें ‘सहकारिता से सभी की समृद्धि का निर्माण’, सक्षम नीति और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र, सभी के लिए समृद्धि बनाने को उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व का पोषण, सहकारी पहचान की पुष्टि और भविष्य को आकार देना: 21वीं सदी में सभी के लिए समृद्धि का एहसास कराने के विषय पर चर्चा की जाएगी. 

देश के सहकारी क्षेत्र में आ रहा है व्यापक बदलाव


सहकारिता मंत्रालय के सचिव ने कहा कि इस आयोजन का विषय ‘सहकारिता से सभी की समृद्धि का निर्माण’ करना है. इसके लिए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया. केंद्रीय सहकारिता मंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद सहकारी आंदोलन के विकास के लिए 54 बड़ी पहलों को शुरू किया गया. इसके कारण सहकारिता क्षेत्र का जीडीपी में योगदान बढ़ा है. पैक्स का कंप्यूटरीकरण करने के साथ ही तीन नयी बहुराज्यीय सहकारी समितियों का गठन किया गया है. सरकार के इन प्रयासों से भारत को वैश्विक सहकारी आंदोलन में सबसे आगे रखा है और भारत सबसे तेजी से बढ़ते सहकारी क्षेत्रों में से एक बन गया है. इस कार्यक्रम में रोसडेल पायनियर्स अवार्ड 2025 भी दिया जाएगा.

यह अवार्ड सहकारी समितियों के विकास और अंतरराष्ट्रीय  सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए बहुमूल्य योगदान के लिए व्यक्तियों या संगठनों को दिया जाता है. इस सम्मेलन का उपयोग भारतीय गांव की थीम पर स्थापित ‘हाट’ में भारतीय सहकारी समितियों के उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए किया जाएगा. अंतर्राष्ट्रीय  सहकारी गठबंधन (आईसीए) दुनिया भर में सहकारी समितियों की आवाज है. यह एक गैर-लाभकारी अंतरराष्ट्रीय संघ है जिसकी स्थापना वर्ष 1895  में सहकारी सामाजिक उद्यम मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए की गयी थी.

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Anjani Kumar Singh

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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