सेना के कैप्टन ने पासिंग आउट परेड के बाद मंगेतर को किया प्रपोज तो अनुशासन पर उठे सवाल, सेना के दिग्गजों ने दिया साथ

Updated:
विज्ञापन
Captain Bharat Bhardwaj with partner

कैप्टन भारत भारद्वाज अपनी मंगेतर के साथ

Unique Marriage proposal : देश के लिए जान की बाजी लगा देने वाले सेना के जवान और अधिकारियों का प्यार जताने का अंदाज भी काफी अनोखा होता है. इसका बेहतरीन उदाहरण बना है कैप्टन भारत भारद्वाज का वह वीडियो जिसमें वो अपनी मंगेतर को प्रपोज करते नजर आ रहे हैं. हालांकि उनके प्रपोज करने की टाइमिंग पर कई लोगों ने सवाल उठाया, लेकिन उन्हें अपने सीनियर्स और कई लोगों का साथ भी मिला, जिन्होंने इसे बेहतरीन पल बताया है.

विज्ञापन

Unique Marriage proposal : महाराष्ट्र के नासिक में कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में पासिंग आउट परेड के बाद एक इमोशनल पल शामिल हुआ. इस इमोशनल पल में कैप्टन भारत भारद्वाज अपनी गर्लफ्रेंड को शादी के लिए प्रपोज करते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है.

मैं इस दिन को यादगार बनाना चाहता था

कैप्टन भारत भारद्वाज ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि आज हम सब पायलट और इंस्ट्रक्टर बन गए हैं. यह हम सबके लिए बहुत बड़ा दिन है. हमारी मेहनत का हमें फल मिला. मेरे परिवार खासकर मेरी मां और नाना-नानी सबके लिए यह बहुत खास दिन है. इसी वजह से मैं इस दिन को और भी खास बनाना चाहता था. मैं और मेरी मंगेतर हम दोनों एक-दूसरे को पिछले पांच साल से जानते हैं. मुझे ऐसा लगा कि उन्हें शादी का प्रपोजल देने के लिए इससे अच्छा कोई दिन नहीं हो सकता है. मैं अपनी मंगेतर के लिए इस दिन को यादगार बनाना चाहता था. यही मेरा पूरा आइडिया था. इसी वजह से मैंने उन्हें पासिंग आउट परेड के बाद प्रपोज किया.

वीडियो में काफी खुश नजर आ रहे हैं दोनों

एएनआई ने जो वीडियो जारी किया है उसमें कैप्टन भारत भारद्वाज और उनकी मंगेतर दोनों बहुत खुश नजर आ रहे हैं. भारत घुटनों के बल बैठकर अपनी मंगेतर को प्रपोज कर रहे हैं. वे अपनी यूनिफाॅर्म में हैं और उनकी मंगेतर साड़ी में बहुत सुंदर नजर आ रही हैं. प्रपोज एक्सेप्ट हो जाने के बाद भारत के दोस्त उनकी मंगेतर को बधाई देते भी नजर आ रहे हैं.

सोशल मीडिया में छिड़ी बहस

कैप्टन भारत और उनकी मंगेतर का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई कि क्या इस तरह से प्रपोज करना सही था? क्या यह अनुशासन को तोड़ने वाला वीडियो नहीं था? इस तरह की बहस का सेना के कई अधिकारियों ने विरोध किया और इसे बेहतरीन पल बताया है. लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि यंगस्टर नहीं करेगा तो कौन करेगा. अगर आपको उसकी प्रोफेशनल काबिलियत में कोई कमी नहीं दिख रही है, तो प्यार और अपनेपन के ऐसे पवित्र इशारे के लिए यह नुक्ताचीनी ना करें.

ये भी पढ़ें : शपथग्रहण के दूसरे दिन कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, CM डीके शिवकुमार ने कहा-हम समस्या सुलझा लेंगे

बंगाल की राजनीति में संक्रमण काल, ममता के सामने कुनबे को जोड़कर रखने की चुनौती, क्या होगा भविष्य?

विज्ञापन
रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola