राज्यसभा चुनाव के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने किया नामांकन, कहा- कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत पक्की करने के लिए एकजुट रहें

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 05 Jun 2026 3:20 PM

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राज्यसभा चुनाव के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने किया नामांकन

Rajya Sabha Elections : राज्यसभा चुनाव 18 जून को होना है. इस चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे सहित पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया है. इस चुनाव के लिए खरगे ने राहुल गांधी के साथ विधानसभा जाकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.

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Rajya Sabha Elections : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. नामाकंन के मौके पर उनके साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और के सी वेणुगोपाल सहित कांग्रेस के कई नेता मौजूद थे. राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन फाइल करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- मैंने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. सभी विधायकों और नेताओं ने एकमत से मुझे चुना है. चुनाव 18 जून को होना है और मुझे भरोसा है कि सभी एकजुट रहेंगे और कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत पक्की करेंगे.

खरगे का कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा के सदस्य हैं. उनका कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है. पार्टी ने उन्हें एक बार फिर से अपना उम्मीदावार बनाया है, इसी वजह से वे एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं. राज्यसभा का चुनाव 18 जून को होना है. खरगे ने कर्नाटक विधानसभा जाकर अपना नामांकन पत्र विधानसभा के सचिव एमके विशालाक्षी को सौंपा.

पवन खेड़ा और मंसूर अली खान बाद में करेंगे नामांकन

कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को मैदान में उतारा है. पवन खेड़ा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख हैं, जबकि मंसूर अली खान वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं. कांग्रेस के ये दोनों उम्मीदवार बाद में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने की अंतिम तारीख 8 जून है.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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