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Cooperative: देश में शुरू होगी सहकारी इंटर्न योजना

Updated at : 23 Nov 2024 7:01 PM (IST)
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Amit Shah

Amit Shah

सहकारी इंटर्न योजना का मकसद राज्य और जिला सहकारी बैंकों को केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ तालमेल बिठाने और पैक्स को मजबूत बनाने में मदद करना है. सहकारी इंटर्न योजना व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और सहकारिता के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने और ग्रामीण समुदायों के विकास का समर्थन करने में मदद करेगी.

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Cooperative: सहकारिता मंत्रालय ने एक सहकारी इंटर्न योजना शुरू की है. इस योजना का मकसद राज्य और जिला सहकारी बैंकों को केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ तालमेल बिठाने और पैक्स को मजबूत बनाने में मदद करना है. सहकारी इंटर्न योजना व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और सहकारिता के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने और ग्रामीण समुदायों के विकास का समर्थन करने में मदद करेगी. इस इंटर्न योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम करेगा. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) की 91वीं आम परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि देश भर में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना करने की जरूरत है.

इससे सहकारिता के लिए क्षमता विकास और सहकार से समृद्धि के विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सहकारिता क्षेत्र के जरिये करोड़ों किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रति कटिबद्ध है. सरकार सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश कर रही है. सरकार सहकारिता के जरिये देश को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही है और इस दिशा में एनसीडीसी अहम भूमिका निभा रहा है. 


ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आएगा बदलाव


देश की लाखों सहकारी समितियां लोगों के जीवन को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रहा है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारी क्षेत्र सशक्त बन रहा है. श्वेत क्रांति 2.0 के महत्व पर जोर देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में दुग्ध सहकारी संघों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. दूध उत्पादक संघों की स्थापना के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और एनसीडीसी को मिलकर काम करना चाहिए और इन संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में मदद देने के लिए आगे आने की जरूरत है.

श्वेत क्रांति के सशक्त होने से आदिवासी समुदायों और महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी. एक ऐप आधारित कैब कोऑपरेटिव सोसाइटी सेवा स्थापित करनी चाहिए जिससे लाभ सीधे ड्राइवरों तक पहुंच सके. सहकारी समितियों को एकीकृत करने में राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस महत्वपूर्ण भूमिका रहा है. चीनी मिलों की वित्तीय क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से एक व्यापक पंचवर्षीय योजना तैयार करने का सुझाव देते हुए उनकी फंडिंग को बढ़ाकर 25000 करोड़ करने की बात कही. इस पहल से चीनी उद्योग के विकास और स्थिरता को बढ़ाने, बेहतर वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास में मदद मिलेगी.  

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Anjani Kumar Singh

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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