केन्द्र सरकार अनाज भंडारण के सख्त नियमों से किसानों को तंग करने की कर रही कोशिश : भगवंत मान

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान व पंजाब प्रभारी जरनैल सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) आगामी फसल सीजन में खदानों की गुणवत्ता और रख-रखाव के नाम पर फसलों की खरीद के लिए सख्त नियम लागू करने की योजना बना रहा है है.
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निजी लोग खाद्य पदार्थों के रखरखाव का निर्देशन कर रहे हैं, काले कानूनों का लागू होना शुरू हो गया है : भगवंत मान
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पंजाब के किसान ही मोदी की सत्ता को चुनौती दे सकते हैं, अब मोदी को पता चल गया कि वे पंजाब के किसानों को दबा नहीं सकते – भगवंत मान
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान व पंजाब प्रभारी जरनैल सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) आगामी फसल सीजन में खदानों की गुणवत्ता और रख-रखाव के नाम पर फसलों की खरीद के लिए सख्त नियम लागू करने की योजना बना रहा है है. एफसीआई के नियमों को देखकर साफ पता चलता है कि केंद्र सरकार पंजाब के किसानों को परेशान करने के लिए ऐसे नियम बना रही हैं. इसके माध्यम से पीएम मोदी पंजाब के किसानों का गला घोंटने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि एफसीआई का प्रस्ताव है कि गेहूं और धान के लिए अनाज में नमी को 14त्न से घटाकर 12त्न किया जाए. यह जरूरी है क्योंकि कभी-कभी फसल की कटाई से पहले बारिश के कारण नमी बढ़ जाती है. लेकिन इसके साथ एफसीआई ने प्रस्ताव दिया है कि गेहूं के साथ अन्य खाद्य पदार्थों की खरीद नहीं की जाएगी क्योंकि भंडारण के दौरान खाद्य पदार्थ एक दूसरे में मिल जाते हैं. इन नियमों के कारण पंजाब के किसानों की परेशानी बढ़ेगी और इससे खरीद-बिक्री प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होगा.
उन्होंने कहा कि ये पहली बार नहीं है जब केंद्र सरकार ऐसा कर रही है. केंद्र सरकार ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की थी जिसमें कहा गया था कि एमएसपी केवल उन किसानों को दिया जाएगा जिनका भूमि रिकॉर्ड सरकार के पास है. जबकि पंजाब में 45त्न छोटे किसान पट्टे पर जमीन लेकर खेती करते हैं. इसके कारण हजारों किसान एमएसपी के लाभ से वंचित रह जाएंगे.
इस तरह के नियमों की अचानक घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब नया फसल आने में सिर्फ एक महीने का समय बचा है. यह स्पष्ट संकेत है कि केंद्र सरकार पंजाब के किसानों को परेशान कर उनका गला घोंटना चाहती है. पीएम मोदी को किसानों को आंदोलन करने के लिए दंडित करना चाहते हैं. लेकिन मैं पीएम को बताना चाहता हूं कि पंजाब के किसान इतनी आसानी से हार नहीं मानेंगे. उनका दमन नहीं किया जा सकता. किसानों का जितना दमन किया जाएगा वे उतना ही मजबूत होकर लड़ेंगे.
उन्होंने कहा कि ऐसे अन्याय से लडऩे और आंदोलन को और मजबूत बनाने के लिए अरविंद केजरीवाल 21 मार्च को पंजाब के बाघा पुराणा में आ रहे हैं. वे किसानों के हक में आवाज उठाएंगे. 21 मार्च को किसानों की आवाज इतनी जोर से गूंजेंगी कि दिल्ली की सत्ता तक गूंजते हुए पहुंचेगी. फिर केंद्र सरकार किसानों की बात मानने के लिए मजबूर होगी.
Posted by: Pritish Sahay
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