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Bengaluru NIA Raids: आतंकी साजिश मामले में एक्शन में NIA, सात राज्यों में किया रेड

Updated at : 05 Mar 2024 1:50 PM (IST)
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Bengaluru NIA Raids

Photo: ANI, X, Symbolic

Bengaluru NIA Raids: पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेंड आतंकी बेंगलुरु के जेल में बंद कैदियों को कट्टर बनाने में लगे हैं. इसी कड़ी में बीते साल जुलाई में पुलिस ने 5 से छह लोगों को गिरफ्तार भी किया था. एनआईए को शक है कि लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल के और आतंकी संबंधित ठिकानों पर छिपे हो सकते हैं. इस कारण एनआईए रेड कर रही है.

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Bengaluru NIA Raids: बेंगलुरु जेल में कैदियों को कट्टरपंथी बनाने के मामले में एनआईए एक्शन में हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज यानी मंगलवार को सात राज्यों के 17 ठिकानों पर छापेमारी की. एनआईए की रेड  बेंगलुरू प्रिजन रैडिक्लाइजेशन केस को लेकर है, जिसके तहत जेल में बंद कैदियों को कट्टर बनाने की कोशिश की जा रही है. इसी कड़ी में बीते साल बेंगलुरु पुलिस ने सात आरोपियों के पास से हथियार और कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट बरामद किये थे. इसके बाद से पुलिस मामले की छानबीन में जुटी थी.

बेंगलुरू प्रिजन रैडिक्लाइजेशन मामले में NIA की रेड

दरअसल, पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेंड आतंकी बेंगलुरु के जेल में बंद कैदियों को कट्टर बनाने में लगे हैं. इसी कड़ी में बीते साल जुलाई में पुलिस ने 5 से छह लोगों को गिरफ्तार भी किया था. इनके पास से पुलिस को पिस्तौल, हथगोले समेत गोला बारूद मिला था. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, इसी दौरान पूछताछ में प्रिजन रैडिक्लाइजेशन मामला सामने आया था.

दरअसल एनआईए को शक है कि लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल के आतंकी संबंधित ठिकानों पर छिपे हो सकते हैं. इस कारण एनआईए इन ठिकानों पर रेड कर रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एनआईए को अपनी जांच में जो बातें पता चली है उसके मुताबिक बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी टी नासिर कैदियों को हिंसक बनाने का काम कर रहा था. उसका एक सहयोगी जुनैद अहमद भी इस काम में लगा था, हालांकि वो फिलहाल फरार है. 

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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