अर्धकुंभ के दौरान नहीं दिखेंगी मांस की दुकानें! जानें क्या है तैयारी

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अर्धकुंभ 2027 (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Ardh Kumbh Haridwar : 2027 अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार के शहर में मांस की दुकानें हटेंगी. प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. हरिद्वार की महापौर किरण जैसल ने जानें क्या कहा.

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Ardh Kumbh Haridwar : अगले साल अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार के शहर से कच्चे मांस की सारी दुकानें हटाकर बाहर सराय गांव में ले जाया जाएगा. स्थानीय प्रशासन ने ये फैसला लिया है. महापौर किरण जैसल ने बताया कि इसको लेकर एक प्रस्ताव तैयार हो गया है. इसे छह अप्रैल की नगर निगम की बैठक में पेश किया जाएगा. इसका मकसद शहर को साफ-सुथरा रखना और अर्धकुंभ के समय बड़ी भीड़ में व्यवस्थाएं आसान बनाना है. अब दुकानदारों को नए स्थान पर जाना होगा.

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अवैध रूप से कई दुकानें चल रहीं हैं

हरिद्वार नगर पालिका के नियमों के मुताबिक, हरकी पौड़ी के पांच किलोमीटर के दायरे में मांस, मदिरा और अंडों की बिक्री-सेवन पर पहले से ही रोक है. महापौर किरण जैसल ने कहा कि शहरी इलाके की सभी कच्चे मांस की दुकानें जल्द ही स्थायी रूप से सराय गांव में शिफ्ट कर दी जाएंगी. महापौर ने कहा कि नगर निगम ने केवल 20 दुकानों को मांस की बिक्री के लिए लाइसेंस दिए हैं लेकिन वर्तमान में अवैध रूप से इससे कहीं अधिक ऐसी दुकानें चल रही हैं.

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उन्होंने कहा कि इसकी वजह से शहर में गंदगी तो फैलती ही है बल्कि आवारा कुत्तों की समस्या भी बढ़ती जा रही है. बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद अवैध रूप से संचालित दुकानों का चालान काटा जाएगा. इसके साथ ही सभी दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

खुले मांस की दुकान हटाने को लेकर हो चुका है आंदोलन

जैसल ने बताया कि बोर्ड की बैठक में होटल और ढाबों में पके मांस परोसने पर भी चर्चा होगी. ज्वालापुर और जगजीतपुर में कई खुले मांस की दुकानें हैं, जिन्हें हटाने को लेकर कई बार हिंदूवादी संगठनों ने प्रदर्शन और आंदोलन किए हैं. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने नगर निगम के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि अर्धकुंभ के मौके पर हरिद्वार में करोड़ों श्रद्धालु आयेंगे. ऐसे में मांस-मदिरा की दुकानों से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. इसलिए ऐसी सभी दुकानों को शहरी क्षेत्र से बाहर किया जाना जरूरी है.

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