जमुई में पुलिस अफसरों और जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, EOU जांच की मांग
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 19 May 2026 11:48 AM
सांकेतिक तस्वीर
Jamui Corruption Allegation: जमुई में पुलिस पदाधिकारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार, अवैध बालू खनन और बेनामी संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे हैं. मामले को लेकर आर्थिक अपराध इकाई पटना से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.
Jamui Corruption Allegation: जमुई से रिपोर्ट — जमुई जिले में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है. सोनो थाना क्षेत्र के बुझायत गांव निवासी एवं उन्मूलन एक्ट वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कैलाश कुमार दास ने आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) पटना को आवेदन देकर जिले के कुछ पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है.
अवैध बालू खनन और जमीन कब्जे के आरोप
अपने आवेदन में कैलाश कुमार दास ने आरोप लगाया है कि वर्तमान थानाध्यक्ष बटिया, पूर्व और वर्तमान अनुसंधान पदाधिकारियों के साथ कुछ नेताओं की मिलीभगत से अवैध बालू खनन और भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है. शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन कब्जा कराने और अन्य फर्जीवाड़े में भी इन लोगों की भूमिका रही है.

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दावा
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोगों ने अपने पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक बेनामी संपत्ति अर्जित की है. शिकायतकर्ता ने आर्थिक अपराध इकाई से पूरे मामले की गहराई से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
पहले भी दी गई थी शिकायत
कैलाश कुमार दास ने कहा है कि इससे पहले भी संबंधित मामलों को लेकर आवेदन दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी कारण उन्होंने इस बार सीधे आर्थिक अपराध इकाई पटना का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच एजेंसी मामले को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी.
मुख्यमंत्री और डीजीपी को भी भेजी गई प्रतिलिपि
मामले की गंभीरता को देखते हुए आवेदन की प्रतिलिपि बिहार के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक और मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक को भी भेजी गई है. हालांकि अब तक प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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