जेटली ने राहुल गांधी को ''बिना नॉलेज के एक्सपर्ट'' बताया, सुषमा के इस्तीफा से किया इनकार
Updated at : 12 Aug 2015 6:45 PM (IST)
विज्ञापन

नयी दिल्ली : संसद में ललित मोदी विवाद पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से उसका औपचारिक जवाब देते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट किया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी. उन्होंने कहा कि ललित मोदी यूपीए सरकार की गलतियों के कारण देश से बाहर हैं और उन […]
विज्ञापन
नयी दिल्ली : संसद में ललित मोदी विवाद पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से उसका औपचारिक जवाब देते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट किया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी. उन्होंने कहा कि ललित मोदी यूपीए सरकार की गलतियों के कारण देश से बाहर हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज को जिन तर्कों के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है वे आधारहीन हैं.
अरुण जेटली ने लोकसभा में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी दिक्कत यह है कि वे बिना नॉलेज के एक्सपर्ट हैं. जेटली ने कहा कि आज पूरे देश को और संसद को यह अपेक्षा थी कि बहस के लिए विपक्ष के नेता खडगे जी ने जो कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया उसमें तथ्य व सत्य सामने आयेंगे. पर अफसोस कि न खडगे जी और दूसरे सदस्य के भाषण में वे अपने खोखले नारों से उपर आ सके.
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के मामले को इतना बडा कांड बना दिया गया, जो लोकतंत्र के कहीं खतरा न पहुंचा दे और कांग्रेस ने संसद में आर्थिक सुधार के अहम कानून नहीं बनने देने के लिए बडा अपराध किया है. जेटली ने कहा कि सरकार उनके आरोपों को खारिज करती है और यह खोदा पहाड व निकला चूहा वाली स्थिति है. उन्होंने कहा कि लेकिन यह कहना भी अतिशयोक्ति होगी, क्योंकि वह भी नजर नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा कि सिर्फ इसको नारों तक सीमित रखेंगे या आरोप क्या थे, वास्तविकता क्या थी यह बतायेंगे.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि यह मामला (ललित मोदी)2009 का है. कुछ सप्ताह का नोटिस देकर टूर्नामेंट कराना तय हुआ था. लेकिन, फिर उसे दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट कर दिया गया. वहां टूर्नामेंट करवाने के लिए रिजर्व बैंक ी अनुमति के बिना पैसे भेजे गये. यह 2009-10 की घटना है. इस मामले में इडी ने नोटिस भेज कर उन्हें (ललित मोदी) जांच करवाने को कहा, लेकिन वह नहीं आये.
अरुण जेटली ने कहा कि तीन प्रकार के नोटिस ऐसे मामलों में होते हैं. एक रेड कॉर्नर नोटिस, जो इंटरपोट के माध्यम से जारी किया जाता है. इसमें पूरी दुनिया में हर हवाई अड्डे पर सूचना भेज दी जाती है कि यह व्यक्ति नजर आये तो उस पकडें. दूसरा ब्लू कॉर्नर नोटिस होता है और वह भी इंटरपोल से जारी किया जाता है. इसमें यह होता है कि अमुक व्यक्ति कहीं किसी एयरपोर्ट पर दिखे तो उसके बारे में भारत को बता दें. तीसरा होता है लाइट ब्लू कॉर्नर नोटिस. कहीं नजर आ जाये तो उसकी जानकारी पहुंचा दें. उन्होंने कहा कि यह जयपुर व जोधपुर में जारी किया गया. जबकि रेड कार्नर व ब्लू कार्नर नोटिस नहीं जारी किया.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट में मनी लाउंड्रिंग कानून होता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ललित मोदी पर फेमा लगाया, पर इसमें गिरफ्तारी नहीं हो सकती है, सिर्फ फाइन लगाया जा सकता है. उसमें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण पूछा जाता है. उन्होंने कहा कि उस समय उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन अब होगी.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




