राहुल के घर पुलिसकर्मी के जाने पर कांग्रेस की भवें तनीं, पुलिस ने कहा यह रुटीन वर्क

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Mar 2015 8:39 PM

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नयी दिल्ली: कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के राहुल गांधी के निवास पर जाने और उनके बारे में पूछताछ करने को लेकर आज भारी हंगामा किया जबकि पुलिस प्रमुख ने जासूसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गणमान्य लोगों से जुडे रहने की यह एक नियमित कवायद है और इसके पीछे कोई […]

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नयी दिल्ली: कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के राहुल गांधी के निवास पर जाने और उनके बारे में पूछताछ करने को लेकर आज भारी हंगामा किया जबकि पुलिस प्रमुख ने जासूसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गणमान्य लोगों से जुडे रहने की यह एक नियमित कवायद है और इसके पीछे कोई दुर्भावना नहीं थी. कांग्रेस ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर राहुल गांधी की ‘‘राजनीतिक जासूसी’’ कराने का आरोप लगाया और गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से व्यापक स्पष्टीकरण की मांग की.

पार्टी ने पुलिस के इस दावे को खारिज किया कि यह प्रकरण महज एक सुरक्षा मुद्दा है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष के निवास पर दिल्ली पुलिस के जो अधिकारी गये थे, उन्होंने उनके बारे में अवांछित और अजीब किस्म की पूछताछ की. सिंघवी ने कहा कि कोई भी कानून इस तरह की प्रक्रिया की इजाजत नहीं देता और यह भी कहा कि पार्टी जासूसी और निगरानी के इस मुद्दे को संसद सहित हर मंच पर उठाएगी. 23 फरवरी को संसद का बजट सत्र शुरु हुआ था और राहुल गांधी तब से ही छुट्टी पर हैं. 12 मार्च को कुछ पुलिस अधिकारी राहुल गांधी के निवास पर गये थे और खबर है कि उनके बारे में अजीबो गरीब तरह से पूछताछ की गई, जैसे वह दिखते कैसे हैं, उनकी आंखों का रंग कैसा है आदि.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इस तरह की राजनीतिक जासूसी और निगरानी, राजनीतिक विरोधियों के जीवन में इस तरह की घुसपैठ, यह गुजरात माडल हो सकता है. यह भारत का माडल नहीं है. ट्रैक रिकार्ड यह दर्शाता है कि यह गुजरात में सम्पन्न माडल है खासकर राजनीतिक विरोधियों, न्यायधीशों, पत्रकारों और निजी व्यक्तियों के लिए …’’ सिंघवी ने कहा, ‘‘हम सरकार पर आरोप लगा रहे हैं और इस तरह के व्यवहार की निंदा कर रहे हैं. यह सिर्फ कांग्रेस के लिए और राहुल गांधी विशेष के लिए नहीं है बल्कि सामान्य तौर पर सभी राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ है.’’ सिंघवी ने इसे महज दिल्ली पुलिस से जुडा मुद्दा मानने से इंकार किया और इसे एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बताया.

इस बात की पुष्टि करते हुए कि कुछ पुलिसकर्मी राहुल गांधी के निवास पर गये थे, दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने जासूसी के आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनके कार्यालय में पुलिसकर्मी का जाना गणमान्य लोगों के साथ जुडे रहने की एक नियमित कवायद है और इसके पीछे कोई दुर्भावना नहीं है. बस्सी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी पुलिस के निशाने पर नहीं थे. गणमान्य लोगों से जुडे रिकार्ड को रखने की यह नियमित प्रकिया है. पुलिस वीरप्पा मोइली, लालकृष्ण आडवाणी, के चंद्रशेखर राव समेत अन्य के घरों पर भी गयी थी. गांधी के बारे में विवरण लेने के पीछे कोई छिपी हुयी मंशा नहीं थी.’’ पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस को प्रधानमंत्री कार्यालय या गृह मंत्रालय की ओर से कभी भी राहुल गांधी के घर पर जाने के लिए नहीं कहा गया और जोर दिया कि पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है.

पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने कहा कि राहुल गांधी के घर पर दो पुलिसकर्मी गए थे. हमारे बीट अधिकारी रामेश्वर दयाल 12 मार्च को उनके घर पर गए थे और उनके बारे में जानकारी मांगी थी. चूंकि, बीट अधिकारी ऐसे लोगों से सीधे नहीं मिल पाते इसलिए वे उनके कार्यालय के अधिकारियों से संपर्क करते हैं और जरुरी जानकारी संबंधी प्रारुप छोड आते हैं.

बस्सी के मुताबिक, उसी दिन दयाल सांसद कृष्ण पाल गुज्जर, नरेश अग्रवाल, एम वीरप्पा मोइली और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के घर भी गए थे.उन्होंने बताया कि बीट अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में रह रहे महत्वपूर्ण लोगों के कर्मचारियों से मिलने और उनके बारे में निजी जानकारी रखने का निर्देश है.बस्सी ने कहा कि पुलिस अमित शाह और सोनिया गांधी जैसे सभी नेताओं तथा सात रेसकोर्स रोड के बारे में जानकारी रखती है.

उन्होंने कहा, ‘‘कई मामलों में ऐसे विवरण महत्वपूर्ण भी होते हैं…मसलन, अगर किसी महत्वपूर्ण नेता के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन होता है तो पुलिसकर्मियों को ऐसी जानकारी के बिना उनके घर को चिन्हित करने और उनके कर्मचारी की पहचान करने में कठिनाई हो सकती है.’’ भाजपा ने मोदी सरकार पर राहुल गांधी की ‘‘राजनीतिक जासूसी’’ कराने के कांग्रेस के आरोप पर पलटवार किया और कहा कि विपक्षी पार्टी की ‘‘नियमित’’ मामलों में भी साजिश देखने की आदत है तथा वह खुद को कानून से उपर मानती है.

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