एक घंटे से ज्यादा ट्रैफिक जाम में फंस गई एंबुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले युवक की मौत
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 12 Jun 2026 11:30 AM
घटना की सांकेतिक तस्वीर
केरल के अट्टापडी में एक युवक की मौत उस समय हो गई, जब उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था. जानें मामले को लेकर पुलिस की ओर से क्या दी गई जानकारी.
पुलिस के मुताबिक, युवक को ट्राइबल तालुक स्पेशियलिटी अस्पताल से त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था. लेकिन रास्ते में घाट सेक्शन पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया और एंबुलेंस एक घंटे से ज्यादा समय तक फंसी रही. इलाज में देरी होने के कारण युवक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.
STORY | Youth dies after ambulance delayed in Attappady ghat traffic block
— Press Trust of India (@PTI_News) June 12, 2026
A youth who was being shifted from the Tribal Taluk Speciality Hospital in Attappady to the Medical College Hospital in Thrissur died after the ambulance carrying him was held up in a traffic block at a… pic.twitter.com/a9uI90Jjbr
मृतक की पहचान 25 साल के सजीव कुमार के रूप में हुई है, जो अट्टापडी के वालामारी ऊरू का रहने वाला था. पुलिस के अनुसार, सजीव कुमार आदिवासी समुदाय से था और तेज बुखार की शिकायत के बाद उसे अट्टापडी ट्राइबल तालुक स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था.
एम्बुलेंस होता है विशेष प्राथमिकता वाला वाहन
मोटर वाहन कानून के मुताबिक एम्बुलेंस को विशेष प्राथमिकता वाला वाहन माना जाता है. इसलिए जैसे ही सायरन बजाती या फ्लैश लाइट वाली एम्बुलेंस दिखे, बाकी वाहनों को तुरंत रास्ता देना चाहिए. ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. नियम का मकसद मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना और उसकी जान बचाना है.
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यदि कोई गाड़ी चला रहा शख्स जानबूझकर एम्बुलेंस को रास्ता नहीं देता, तो उसे भारी पड़ सकता है. ऐसे मामलों में 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. बार-बार नियम तोड़ने वालों पर 6 महीने तक की जेल, साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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