एक घंटे से ज्यादा ट्रैफिक जाम में फंस गई एंबुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले युवक की मौत

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घटना की सांकेतिक तस्वीर

केरल के अट्टापडी में एक युवक की मौत उस समय हो गई, जब उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था. जानें मामले को लेकर पुलिस की ओर से क्या दी गई जानकारी.

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पुलिस के मुताबिक, युवक को ट्राइबल तालुक स्पेशियलिटी अस्पताल से त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था. लेकिन रास्ते में घाट सेक्शन पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया और एंबुलेंस एक घंटे से ज्यादा समय तक फंसी रही. इलाज में देरी होने के कारण युवक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.

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मृतक की पहचान 25 साल के सजीव कुमार के रूप में हुई है, जो अट्टापडी के वालामारी ऊरू का रहने वाला था. पुलिस के अनुसार, सजीव कुमार आदिवासी समुदाय से था और तेज बुखार की शिकायत के बाद उसे अट्टापडी ट्राइबल तालुक स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था.

एम्बुलेंस होता है विशेष प्राथमिकता वाला वाहन

मोटर वाहन कानून के मुताबिक एम्बुलेंस को विशेष प्राथमिकता वाला वाहन माना जाता है. इसलिए जैसे ही सायरन बजाती या फ्लैश लाइट वाली एम्बुलेंस दिखे, बाकी वाहनों को तुरंत रास्ता देना चाहिए. ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. नियम का मकसद मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना और उसकी जान बचाना है.

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यदि कोई गाड़ी चला रहा शख्स जानबूझकर एम्बुलेंस को रास्ता नहीं देता, तो उसे भारी पड़ सकता है. ऐसे मामलों में 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. बार-बार नियम तोड़ने वालों पर 6 महीने तक की जेल, साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है.

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