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चीन के राष्ट्रपति कल भारत आयेंगे कश्मीर नहीं, सिर्फ आतंक पर होगी बात

Updated at : 10 Oct 2019 7:06 AM (IST)
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चीन के राष्ट्रपति कल भारत आयेंगे कश्मीर नहीं, सिर्फ आतंक पर होगी बात

मोदी-शी द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर करेंगे चर्चा बीजिंग/नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार को भारत आयेंगे. तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के पास प्राचीन तटीय शहर मामल्लापुरम में 11 और 12 अक्तूबर को दोनों नेताओं की मुलाकात होगी. इस दौरान भारत […]

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मोदी-शी द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर करेंगे चर्चा
बीजिंग/नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार को भारत आयेंगे. तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के पास प्राचीन तटीय शहर मामल्लापुरम में 11 और 12 अक्तूबर को दोनों नेताओं की मुलाकात होगी. इस दौरान भारत और चीन के बीच कोई समझौता या एमओयू पर हस्ताक्षर नहीं होगा, लेकिन मोदी और शी की ओर से संयुक्त बयान जारी हो सकता है. दोनों नेता आतंकवाद, सीमा पर शांति कायम करने समेत द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे. इस दौरान कश्मीर और अनुच्छेद 370 पर कोई बातचीत नहीं होगी.
सूत्रों ने बताया कि जिनपिंग द्वारा कश्मीर का मुद्दा उठाने पर प्रधानमंत्री मोदी भारत के नजरिये से उन्हें अवगत करायेंगे. कश्मीर पर भारत का रुख एकदम स्पष्ट है. अगर शी ने मुद्दा उठाया, तो मोदी उन्हें अपना पक्ष समझायेंगे. इस बीच, शी की भारत यात्रा से पहले चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का समाधान भारत और पाकिस्तान को आपसी बातचीत से निकालना होगा. उसका यह रुख संयुक्त राष्ट्र तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों में उसके हाल के संदर्भों से अलग है.
चीन बोला- कश्मीर मुद्दा द्विपक्षीय तरीके से हल होना चाहिए
बनेगी योजना, ताकि ड्रैगन-हाथी साथ चल सकें
मोदी और शी की वन टू वन मीटिंग के अलावा प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी. इस दौरान दोनों नेता अगली विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता की तारीख तय कर सकते हैं. उप विदेश मंत्री लुओ झाओहुई ने कहा कि मोदी और शी की मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को दिशा प्रदान करेगी तथा क्षेत्रीय मामलों में साझा भूमिका तय करेगी, ताकि ‘ड्रैगन और हाथी’ मिलकर काम कर सकें. 23 वर्षों के बाद 13 अक्तूबार को कोई चीनी राष्ट्रपति नेपाल की पहली आधिकारिक यात्रा कर रहे हैं.
कश्मीर पर चीन-पाक ने की चर्चा, भारत की दो टूक दूसरे देश न करें टिप्पणी
शी के भारत दौरे से पहले बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बीजिंग में राष्ट्रपति शी से मुलाकात की. इस दौरान शी ने कहा कि चीन और पाक का रिश्ता पत्थर जैसे मजबूत और अटूट हैं.
हम पाकिस्तान के हितों का समर्थन करेंगे. कश्मीर पर हमारी लगातार नजर है. इस पर भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. चीन हमारे रुख से अच्छी तरह से अवगत है. भारत के आंतरिक मामलों पर अन्य देश टिप्पणी नहीं करें. इस बीच, इमरान ने कहा कि काश वह चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रपति शी के अभियान की तरह अपने यहां 500 भ्रष्ट लोगों को जेल में डाल पाते.
वार्ता के लिए मामल्लापुरम सज-धज कर तैयार, चार स्मारकों का दौरा करेंगे शी-मोदी
शिखर वार्ता के लिए मामल्लापुरम (महाबलीपुरम) के अति प्राचीन स्मारकों को सजाया-संवारा गया है. दोनों नेता 1000 साल से ज्यादा पुराने चार स्मारकों का दौरा करेंगे. इनमें तट मंदिर, पांच रथ, कृष्ण की माखन की गेंद और अर्जुन तपस्या शामिल हैं. वार्ता से पहले यहां एक घंटा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा. महाबलीपुरम का चीन से करीब 2000 साल पुराना संबंध है.
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