अब हर माह जारी होगा ट्रेनों के लेट होने का रिकॉर्ड

Published at :20 Jul 2019 1:56 AM (IST)
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अब हर माह जारी होगा ट्रेनों के लेट होने का रिकॉर्ड

ट्रेनों को सही समय पर चलाने के लिए रेलवे अब रैंकिंग की नयी व्यवस्था शुरू करने जा रही है. योजना के तहत रेलवे अब जोन और डिवीजन के हिसाब से ट्रेनों के लेट लतीफी के रिकॉर्ड को हर माह सार्वजनिक करेगी. यह सूची विभाग के तमाम अफसरों को भेजी जायेगी. रेलवे की इस नयी कवायद […]

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ट्रेनों को सही समय पर चलाने के लिए रेलवे अब रैंकिंग की नयी व्यवस्था शुरू करने जा रही है. योजना के तहत रेलवे अब जोन और डिवीजन के हिसाब से ट्रेनों के लेट लतीफी के रिकॉर्ड को हर माह सार्वजनिक करेगी. यह सूची विभाग के तमाम अफसरों को भेजी जायेगी. रेलवे की इस नयी कवायद का मकसद अपने रिकॉर्ड का सुधारने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाना है.

स्पष्ट है कि रेलवे अब ट्रेन पंक्चुआलिटी के मामले में सबसे खराब रिकॉर्ड वाले जोन और डिवीजन को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने जा रहा है. इसके लिए घटिया रिकॉर्ड वाले जोन और डिवीजन के नाम हर सप्ताह तमाम अधिकारियों को भेजे जायेंगे. इसका मकसद संबंधित जोन व डिवीजन को अपने रिकॉर्ड सुधारने के लिए दबाव बनाना है.
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे जोन रहा फिसड्डी केवल 57% ट्रेनें समय से चलीं :पिछले हफ्ते पंक्चुआलिटी के लिहाज से नॉर्थ सेंट्रल रेलवे जोन सबसे फिसड्डी रहा. जोन की केवल 57% ट्रेनें ही समय से चलीं. साउथ इस्ट सेंट्रल रेलवे जोन की 61% ट्रेनें समय से चलीं, ईस्ट सेंट्रल रेलवे जोन और नॉर्थ इस्टर्न रेलवे जोन की 65% ट्रेनें समय की पाबंद रहीं. साउथ ईस्टर्न रेलवे जोन की 67% ट्रेनें समय से चलीं.
पंक्चुआलिटी में वाराणसी रेल मंडल सबसे खराब चक्रधरपुर दूसरे नंबर पर
पंक्चुआलिटी के लिहाज से वाराणसी मंडल सबसे खराब रहा. यहां की 49% ट्रेनें ही समय से चलीं, जबकि 374 ट्रेनें लेट हुईं. लखनऊ मंडल की भी 49% ट्रेनें ही समय से चलीं, जबकि 786 ट्रेनें लेट हुईं. इलाहाबाद मंडल की 50% ट्रेनें समय से चलीं, जबकि 753 ट्रेनें लेट हुईं.चक्रधरपुर मंडल की भी 50 % ट्रेनें समय से चलीं, जबकि 257 ट्रेनें लेट हुईं. भुसावल मंडल की 52% ( 561 ट्रेनें लेट हुईं), बिलासपुर मंडल की 55% ( 208 ट्रेनें लेट हुईं) और मुरादाबाद मंडल की 55% ट्रेनें समय से चलीं, जबकि 421 ट्रेनें लेट हुईं.
रेलवे ने किया साफ- चलती रहेगी गरीब रथ
नई दिल्ली : गरीब रथ ट्रेन पहले की तरह चलती रहेगी. इसे बंद करने को लेकर आ रही खबरों के बाद रेल मंत्रालय ने कहा है कि यह ट्रेन पहले की तरह ही चलती रहेगी. किराये और ट्रेन में और मौजूदा सूरत में भी कोई बदलाव नहीं किया जायेगा.
हाल ही में उत्तर रेलवे ने दो गरीब रथ ट्रेनों को मेल ट्रेन में तब्दील कर दिया था, अब 4 अगस्त से फिर उन्हें पुरानी ट्रेन के रूप में चलाया जायेगा. मालूम हो कि पहले सभी गरीब रथ ट्रेन को मेल ट्रेन में बदलने की खबर आयी थी.
इसे लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाये थे. ऐसे में शुक्रवार को रेल मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि ट्रेन को चलाने से रोकने का कोई प्रस्‍ताव नहीं है. अगर मंत्रालय कोई फैसला लेता है, तो इसके बारे में यात्रियों को पहले से सूचित किया जायेगा. मौजूदा समय में 26 जोड़ी गरीब रथ ट्रेन चल रही है.
गरीब रथ ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित है. लेकिन कुछ दिनों पहले दो गरीब रथ ट्रेन में अलग कोच जोड़ दिये गये थे और किराया भी बढ़ा दिया गया था. गौरतलब है कि वर्ष 2005 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने गरीबों को एसी में सस्ती ट्रेन सुविधा मुहैया कराने के लिए गरीब रथ की शुरुआत की थी.
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