Rules Change: भारत आने वाले विदेशी नागरिकों पर नए नियम लागू, जानिए क्या बदला

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Jun 2026 9:56 AM

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गृह मंत्रालय (File Photo)

Rules Change: केंद्र सरकार ने आप्रवास और विदेशियों से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए आप्रवास और विदेशियों विषयक नियम, 2025 के संशोधनों को अधिसूचित कर दिया है. जानें इसमें क्या है खास.

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Rules Change: केंद्र सरकार के नए नियमों के मुताबिक, 180 दिन या उससे कम अवधि के वीजा पर भारत आने वाले विदेशी नागरिक अगर अपनी तय अवधि से ज्यादा रुकना चाहते हैं, तो उन्हें वीजा खत्म होने से पहले किसी भी समय अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा. गृह मंत्रालय ने यह बदलाव आप्रवास और विदेशियों विषयक नियम, 2025 में संशोधन के तहत किया है.

राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में क्या कहा गया?

सोमवार (1 जून) को अधिसूचित नया प्रावधान उस पूर्व नियम का स्थान लेगा जिसमें भारत में आगमन के 180 दिन की समाप्ति के 14 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन जरूरी था. राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में कहा गया है कि आप्रवास और विदेशियों विषयक नियम, 2025 (जिसे आगे उक्त नियम कहा गया है), नियम 12 में उप-नियम (1) में तीसरे प्रावधान में ‘भारत में आने के 180 दिन की समाप्ति के 14 दिन के भीतर’ शब्दों के स्थान पर ‘उक्त 180 दिन की अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा.

ऐसा रजिस्ट्रेशन अब केवल इमरजेंसी में ही दिया जाएगा

जिन विदेशी नागरिकों को 180 दिन से अधिक की अवधि के लिए वीजा दिया गया है और जिनके वीजा पर यह शर्त है कि ‘‘प्रत्येक प्रवास 180 दिन से अधिक नहीं होगा’’ और जो किसी एक बार में या पूरे कैलेंडर वर्ष में इस अवधि से अधिक समय तक भारत में रहना चाहते हैं, उन्हें ‘‘180 दिन की समाप्ति से पहले कभी भी’’ रजिस्ट्रेशन कराना होगा. नए नियम में अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐसा रजिस्ट्रेशन अब ‘‘केवल इमरजेंसी में ही’’ दिया जाएगा.

किन्हें मिल सकती है थोड़ी राहत

नए नियमों में उन बच्चों को भी थोड़ी राहत दी गई है जिनके माता-पिता में से कोई एक या दोनों विदेशी नागरिक हैं. पहले के नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को नए वीजा और देश छोड़ने की अनुमति सहित वीजा सेवाओं का लाभ उठाने के लिए निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप्लिकेशन पर 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन अधिकारी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सूचित करना होता था. अधिसूचना के अनुसार, यह उप-नियम उन मामलों में लागू नहीं होगा जहां माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और वे बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहते हैं.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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