डीके शिवकुमार ने शपथग्रहण से पहले गांधी परिवार के प्रति कृतज्ञता जताई- उनके भरोसे ने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया

राहुल गांधी के साथ डीके शिवकुमार
DK Shivakumar : एक कार्यकर्ता जिसने जमीनी स्तर पर अपने करियर की शुरुआत की और आज पूरे कर्नाटक की बागडोर उसके हाथों में आने वाली है, यह सबकुछ हो पाया है गांधी परिवार के भरोसे और प्रेरणा की वजह से. यह पंक्ति है, डीके शिवकुमार के सोशल मीडिया पोस्ट की, जिसे उन्होंने अपने शपथग्रहण से पहले लिखीं हैं. डीके शिवकुमार 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं.
DK Shivakumar : कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार 3 जून को शपथ लेने वाले हैं. वे सिद्धारमैया की जगह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.शपथ से पहले डीके शिवकुमार ने गांधी परिवार के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर की है.
गांधी परिवार के भरोसे ने मेरे राजनीतिक करियर को प्रभावित किया
डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि गांधी परिवार ने उनके करियर को काफी प्रभावित किया है. वे लिखते हैं कि गांधी परिवार के लीडरशिप से तो उनका राजनीतिक करियर प्रभावित हुआ ही, साथ ही उनके भरोसे ने भी उनके करियर पर काफी असर डाला है. शिवकुमार लिखते हैं कि गांधी परिवार के भरोसे ने उनके करियर को संवारा. उनका भरोसा मुझे राजनीतिक सफर के विभिन्न पड़ावों पर मिला, जिसने मेरे करियर को नई दिशा दी.
राजीव गांधी को किया याद
डीके शिवकुमार ने अपने पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद किया. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि राजीव गांधी ने उनकी क्षमता को पहचाना था और उन्हें आगे आकर काम करने का मौका दिया था. राजीव गांधी के बारे में डीके शिवकुमार ने लिखा है कि उन्होंने मुझे इस बात के प्रेरित किया कि मैं अपना जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित करूं. शिवकुमार ने अपने पोस्ट में कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के प्रति भी अपना सम्मान प्रकट किया. उन्होंने लिखा कि सोनिया गांधी ने उन्हें उस वक्त सपोर्ट किया, जब वे करियर के कठिन दौर से गुजर रहे थे. उन्होंने मुझे सिखाया की लीडरशिप क्या होता है. लीडर वो होता है, जो बुरे समय में भी आपका साथ दे आपके बगल में खड़ा रहे.
राहुल गांधी के सपोर्ट की भी चर्चा की
डीके शिवकुमार ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी के बारे में भी बात किया और बताया कि वे हर समय उनकी मदद करते हैं और उनका मार्गदर्शन करते रहते हैं. लोकतंत्र के वैल्यूज में उनकी आस्था को प्रेरणास्रोत बताते हुए डीके शिवकुमार ने उनकी तारीफ की. साथ ही उन्होंने प्रियंका गांधी की भी तारीफ की और लिखा कि कार्यकर्ताओं तक उनकी पहुंच बहुत अच्छी है.
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By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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