राहुल गांधी के सामने भावुक हुए NEET छात्रा के पिता, कहा- संसद में हमारी आवाज उठाइए

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राहुल गांधी के साथ नीट छात्रा के पिता, फोटो- एएनआई

राहुल गांधी के साथ नीट छात्रा के पिता, फोटो- एएनआई

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: देहरादून में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक से 7.5 करोड़ युवा प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली है.

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Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: देहरादून में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और उनकी समस्याओं पर चर्चा का मंच है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक कराने के लिए अब अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा- अगर आपके पास करोड़ों रुपये हैं, तो आप पेपर लीक के मेन्यू कार्ड से अपनी पसंद का पेपर चुन सकते हैं.

एक अभिभावक ने की सदन में आवाज उठाने की अपील

देहरादून में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी की मुलाकात कथित तौर पर NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया कुमारी के पिता राजेश मल्ल से हुई. मंच पर बातचीत के दौरान भावुक राजेश मल्ल ने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वैसा किसी और बेटी के साथ नहीं होना चाहिए. उन्होंने राहुल गांधी से संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठाने और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने की अपील की.

7.5 करोड़ छात्र प्रभावित, 152 मामले लेकिन एक भी दोषसिद्धि नहीं- राहुल गांधी

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था ऐसी स्थिति में पहुंच गई है, जहां पेपर लीक होना लगभग आम बात बन गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर समस्या को रोकने में विफल रही है, जिसका खामियाजा लाखों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में पेपर लीक के लिए हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और करोड़ों रुपये देकर इंटरनेट, टेलीग्राम या सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रश्नपत्र हासिल किए जा सकते हैं. राहुल ने दावा किया कि पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक की घटनाओं से करीब 7.5 करोड़ युवा प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली. उन्होंने कहा कि यह केवल सामने आए मामलों का आंकड़ा है और वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. उनके मुताबिक, यह देश के युवाओं, उनकी मेहनत और उनके भविष्य का अपमान है.

बोले राहुल गांधी- यह राजनीति नहीं, युवाओं के भविष्य की लड़ाई

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह किसी राजनीतिक दल की रैली नहीं है, बल्कि देश के युवाओं, उनके भविष्य, संघर्ष और चुनौतियों की बात करने का मंच है.

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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