अयोध्या विवाद: मात्र 30 सेकेंड चली सुनवाई, कोर्ट ने कहा- 10 जनवरी को तीन जजों की बेंच तय करेगी तारीख
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Jan 2019 9:57 AM
नयी दिल्ली :सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मामले की सुनवाई शुक्रवार को टाल दी है. कोर्ट ने कहा कि उसके द्वारा गठित एक उपयुक्त पीठ राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना विवाद मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आदेश देगी. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की […]
नयी दिल्ली :सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मामले की सुनवाई शुक्रवार को टाल दी है. कोर्ट ने कहा कि उसके द्वारा गठित एक उपयुक्त पीठ राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना विवाद मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आदेश देगी.
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ ने कहा कि एक उपयुक्त पीठ मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आगे के आदेश देगी. सुनवाई के लिए मामला सामने आते ही प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामला है और इसपर आदेश पारित किया. अलग-अलग पक्षों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरिश साल्वे और राजीव धवन को अपनी बात रखने का कोई मौका नहीं मिला.
मामले की सुनवाई 30 सेकेंड भी नहीं चली.
हिन्दू महासभा के वकील का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट 10 जनवरी इस मामले की सुनवाई करने की तारीख मुकर्रर की है. उसी वक्त यह तय किया जाएगा कि कौन सी बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी. कोर्ट इसके लिए एक रेग्युलर बेंच का गठन करेगा.
आपको बता दें कि यह मामला चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था. इस पीठ द्वारा इलाहाबाद हाइकोर्ट के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई के लिए तीन सदस्यीय जजों की पीठ गठित किये जाने की उम्मीद थी. यहां चर्चा कर दें कि यह सुनवाई ऐसे समय में होने जा रही है, जब आम चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं और राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ तमाम संगठनों द्वारा सरकार पर अध्यादेश लाने का दबाव बनाया जा रहा है.
किसने क्या कहा
संघ प्रमुख मोहन भागवत- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि अयोध्या में केवल राम मंदिर का निर्माण होगा. मोहन भागवत का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुझाव दिये जाने के एक दिन बाद आया है.
विश्व हिंदू परिषद- राम मंदिर के लिए हिंदू समाज अनंतकाल तक इंतजार नहीं कर सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- एएनआई को दिये साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा था कि राम मंदिर के संबंध में अध्यादेश लाया जाए या नहीं, इस पर फैसला कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा.
भाजपा की सहयोगी शिव सेना- भाजपा की पुरानी सहयोगी शिवसेना ने गुरुवार को कहा कि उसे इस बात पर आश्चर्य है कि यदि भाजपा के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं होगा तो कब होगा. पार्टी ने कहा कि यदि राम मंदिर का निर्माण 2019 चुनावों से पहले नहीं हुआ तो यह देश की जनता को धोखा देने जैसा होगा जिसके लिए भाजपा एवं आरएसएस को माफी मांगनी होगी.
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया- प्रवीण तोगड़िया ने गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने राम मंदिर को लेकर देश के हिंदुओं का विश्वास तोड़ने का काम किया है. अपने बयान में तोगड़िया ने कहा कि अगर संघ साढ़े चार साल में मोदी सरकार से नई शिक्षा नीति बनवा सकता है तो राम मंदिर पर कानून का निर्माण क्यों नहीं कराया ?
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