ePaper

सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से पूछा, धन शोधन को कैसे रोकेगा ‘आधार’?

Updated at : 12 Apr 2018 9:54 AM (IST)
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से पूछा, धन शोधन को कैसे रोकेगा ‘आधार’?

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट नेकेंद्रसरकार से पूछा है कि ‘आधार’ अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाली धन शोधन (मनी लांडरिंग) की समस्या पर लगाम कैसे कसेगा. चीफ जस्टिस दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने यह सवाल उस समय पूछा, जब भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) द्वारा उससे कहा गया […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट नेकेंद्रसरकार से पूछा है कि ‘आधार’ अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाली धन शोधन (मनी लांडरिंग) की समस्या पर लगाम कैसे कसेगा. चीफ जस्टिस दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने यह सवाल उस समय पूछा, जब भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) द्वारा उससे कहा गया कि हवाला लेन-देन और धन शोधन की समस्याएं वैश्विक चिंताएं हैं और उन पर काबू करने में आधार मददगार साबित होगा. यह पीठ आधार और इससे जुड़े 2016 के कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.

इसे भी पढ़ें : ‘आधार’ नहीं बनवानेवाले अपराधी नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के 27वेंदिन सरकार ने यह भी दावा किया कि अधिकारियों ने 33 हजार करोड़ रुपये का पता लगाया है, जिन पर पहले कभी कर नहीं लगा. यह आधार के साथ पैन कार्ड ‘स्वैच्छिक रूप से जोड़े जाने से’ संभव हुआ और अगर उनको जोड़ना अनिवार्य बनाया गया, तो इसमें ‘बहुत’ इजाफा हो सकता है. सरकार ने कहा कि पैन को आधार संख्या से जोड़ने से आयकर चोरी, ब्लैक मनी का प्रचलन और इसका प्रयोग रुकेगा. इसके अलावा कर चोरी के उद्देश्य से दो पैन कार्ड का प्रचलन भी रुकेगा.

इसे भी पढ़ें : आधार कार्ड अपडेट कराना हुआ महंगा, देना होगा 18 फीसदी GST

पीठ ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि धन शोधन एक समस्या है. एकमात्र सवाल, जिसका जवाब दिया जाना चाहिए कि आधार धन शोधन कैसे रोकेगा. यूआइडीएआइ की ओर से पेश अतिरिक्त साॅलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आधार को पैन कार्ड, बैंक खातों तथा अन्य सुविधाओं से जोड़ने से अधिकारियों को धन शोधन के वैश्विक खतरे से असरदार तरीके से निबटने में मदद मिलेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola