ePaper

पत्नी कोई प्रॉपर्टी नहीं, साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता पति, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

Updated at : 08 Apr 2018 12:28 PM (IST)
विज्ञापन
पत्नी कोई प्रॉपर्टी नहीं, साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता पति, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

नयी दिल्ली : पति-पत्नी के संबंधों और एक-दूसरे पर अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ी व्यवस्था दी है. शीर्ष अदालत ने अपने एक आदेश में कहा है कि पत्नी ‘चल संपत्ति’ या कोई ‘वस्तु’ नहीं है. पति को यह अधिकार नहीं है कि वह उसे अपने साथ रहने के लिए मजबूर करे या […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : पति-पत्नी के संबंधों और एक-दूसरे पर अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ी व्यवस्था दी है. शीर्ष अदालत ने अपने एक आदेश में कहा है कि पत्नी ‘चल संपत्ति’ या कोई ‘वस्तु’ नहीं है. पति को यह अधिकार नहीं है कि वह उसे अपने साथ रहने के लिए मजबूर करे या उस पर दबाव बनाये. एक महिला की तरफ से पति पर क्रूरता का आरोप लगाते हुए दायर आपराधिक केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ने यह व्यवस्था दी है.

इसे भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट का फैसला : नाबालिग पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना अब कहलायेगा ‘रेप’, मिलेगी सजा

महिला ने आरोप लगाया था कि उसका पति चाहता है कि वह उसके साथ रहे, लेकिन वह स्वयं उसके साथ नहीं रहना चाहती है.जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने अदालत में मौजूद व्यक्ति से कहा , ‘वह एक चल संपत्ति नहीं है. आप उसे मजबूर नहीं कर सकते. वह आपके साथ नहीं रहना चाहती हैं. आप कैसे कह सकते हैं कि आप उसके साथ रहेंगे.’ पीठ ने महिला के वकील के जरिये पति के साथ नहीं रहने की इच्छा वाले बयान के दृष्टिगत व्यक्ति से पत्नी के साथ रहने के निर्णय पर ‘पुनर्विचार’ करने को कहा.

इसे भी पढ़ें : विवाहेत्तर संबंध बनाने पर अब सिर्फ पुरुषों को ही नहीं महिलाओं को भी होगी सजा, मामला संविधान पीठ को सौंपा गया

अदालत ने व्यक्ति से कहा, ‘आपके लिए बेहतर होगा कि आप इस पर पुनर्विचार करें.’ व्यक्ति की ओर से पेश वकील से पीठ ने कहा, ‘आप (व्यक्ति) इतना गैरजिम्मेदार कैसे हो सकते हैं? वह महिला के साथ चल संपत्ति की तरह व्यवहार कर रहे हैं. वह एक वस्तु नहीं है.’ इस मामले की अगली सुनवाई आठ अगस्त को होगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola