ट्रेन धुलाई का 80 फीसदी पानी दोबारा होगा इस्तेमाल, ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट की तैयारी

Author Lalitansoo
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ट्रेन धुलाई का 80 फीसदी पानी दोबारा होगा इस्तेमाल, ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट की तैयारी

ललितांशु, मुजफ्फरपुर ट्रेनों की सफाई पारंपरिक तरीकों से नहीं होगी. विश्वस्तरीय स्टेशन के साथ तुर्की से रामदयालु के बीच कोचिंग कॉम्पलेक्स व न्यू मुजफ्फरपुर टर्मिनल में एक अत्याधुनिक सेंसर आधारित

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ललितांशु, मुजफ्फरपुर

ट्रेनों की सफाई पारंपरिक तरीकों से नहीं होगी. विश्वस्तरीय स्टेशन के साथ तुर्की से रामदयालु के बीच कोचिंग कॉम्पलेक्स व न्यू मुजफ्फरपुर टर्मिनल में एक अत्याधुनिक सेंसर आधारित ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाने की तैयारी है. इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ट्रेन की धुलाई के बाद इस्तेमाल होने वाले पानी का 80 प्रतिशत हिस्सा दोबारा उपयोग किया जा सकेगा. जानकारी के अनुसार, नये प्लांट की तैयारी है. वहीं वर्तमान में मौजूद पुराने वाशिंग पिट को शिफ्ट करने की भी योजना है, जहां डेवलप किया जाएगा. परिसर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सेंसर लगा ब्रशिंग सिस्टम लगाया जाएगा. वर्तमान में एक ट्रेन को साफ करने में हजारों लीटर पानी और घंटों का समय बर्बाद होता है, लेकिन ऑटोमेटिक प्लांट आने से पूरी ट्रेन महज 10 से 15 मिनट में अंदर-बाहर से चमक जाएगी. यह तकनीक वर्तमान में राजस्थान समेत देश के कई बड़े स्टेशनों पर सफलतापूर्वक काम कर रही है. इसे सभी जगह लागू किया जाना है. हाल में अपने-अपने क्षेत्र में समस्तीपुर व सोनपुर मंडल की टीम निरीक्षण के साथ सर्वे कर चुकी है.

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

जैसे ही ट्रेन वाशिंग प्लांट की ओर बढ़ेगी, इसमें लगे सेंसर सक्रिय हो जाएंगे. ट्रेन की गति के साथ ही हाई-प्रेशर वॉटर जेट और घूमने वाले वर्टिकल ब्रश अपने आप काम करना शुरू कर देंगे. इसमें साबुन के घोल और पॉलिशिंग वैक्स का भी इस्तेमाल होगा. धुलाई के बाद बहने वाले गंदे पानी को सीधे नालियों में बहाने के बजाय उसे रीसाइक्लिंग यूनिट में भेजा जाएगा, जहां पानी को फिल्टर कर दोबारा अगली ट्रेन की सफाई के योग्य बनाया जाएगा.

पर्यावरण और यात्रियों को लाभ

इस प्लांट के शुरू होने से ट्रेनों की बाहरी सफाई की गुणवत्ता में काफी सुधार आएगा. साथ ही, भीषण जल संकट के दौर में प्रतिदिन लाखों लीटर पानी की बचत होगी. रेल प्रशासन का लक्ष्य है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही मुजफ्फरपुर से खुलने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों को इसी स्मार्ट तकनीक से चकाचक किया जाए.

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By ललितांशु

ललितांशु, पत्रकारिता के क्षेत्र में बीते 16 वर्षों से सक्रिय ललितांशु के लिए 'पॉजिटिव खबरों' को चुनना और उन्हें समाज के सामने लाना प्राथमिकता और जुनून रहा है. रेल और सोशल मीडिया से जुड़ी खबरों से इनका अधिक जुड़ाव है.

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