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गिद्धौर प्रखंड में स्वास्थ्य सेवा का प्रदर्शन सबसे खराब

Updated at : 01 Sep 2025 9:45 PM (IST)
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गिद्धौर प्रखंड में स्वास्थ्य सेवा का प्रदर्शन सबसे खराब

जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में गिद्धौर प्रखंड की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को अत्यंत चिंताजनक करार दिया गया है.

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गिद्धौर. जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में गिद्धौर प्रखंड की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को अत्यंत चिंताजनक करार दिया गया है. बैठक के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में गिद्धौर प्रखंड का प्रदर्शन सबसे खराब पाया गया. इस पर संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन-सह-सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति ने प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक निधि कुमार से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. जानकारी के अनुसार समीक्षा बैठक बीते 29 अगस्त को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिलाधिकारी सह अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति की अध्यक्षता में आयोजित की गयी थी.

उत्प्रेरक का आचरण भी सवालों के घेरे में

बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि स्पष्टीकरण के दौरान निधि कुमार का आचरण अमर्यादित रहा, जिससे विभागीय कार्य संस्कृति पर प्रतिकूल असर पड़ा है. जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यह रवैया लापरवाही, उदासीनता और मनमानेपन का प्रतीक है, जो सरकार की महत्त्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति में बाधा उत्पन्न कर रहा है.

संविदा समाप्ति की चेतावनी

नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि क्यों न निधि कुमार की संविदा समाप्त कर दी जाए. उन्हें नोटिस निर्गत होने की तिथि से 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है. समय पर संतोषजनक उत्तर नहीं देने की स्थिति में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी निधि कुमार की होगी. इस नोटिस की प्रतिलिपि जिलाधिकारी सह अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति जमुई, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, पटना, प्रभारी जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जमुई, तथा गिद्धौर व झाझा प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को भी भेजी गयी.

स्वास्थ्य सूचकांकों में गिरावट

बैठक में प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, गिद्धौर प्रखंड ने गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, प्रथम तिमाही में पंजीकरण और चार या अधिक बार एएनसी जांच जैसी प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं में बेहद कमजोर प्रदर्शन किया है.

संस्थागत प्रसव की दर मात्र 23 प्रतिशत

भव्य मासा रिपोर्ट के अनुसार गिद्धौर की उपलब्धि केवल 14.95 प्रतिशत

आयरन फोलिक एसिड वितरण की स्थिति भी बेहद निराशाजनक

6 से 59 माह के बच्चों के लिए – 1.28 प्रतिशत

5 से 9 वर्ष के बच्चों के लिए – 0.16 प्रतिशत

10 से 19 वर्ष के किशोरों के लिए – 0 प्रतिशत

स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर औसत लाभुक का प्रतिशत सिर्फ 6.7 प्रतिशत रहा.

ड्यू लिस्ट अपडेट की स्थिति 31 प्रतिशत दर्ज की गई, जो जिले में चौथे स्थान पर है.

झाझा प्रखंड में भी खराब हालात

6 से 59 माह के बच्चों के लिए वितरण – 2.06 प्रतिशत

औसत लाभुक – 9.8 प्रतिशत

ड्यू लिस्ट अपडेट – 03 प्रतिशत, जो जिले में अंतिम स्थान पर रहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANKAJ KUMAR SINGH

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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