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जिले भर के डाक बंगला की जमीन पर से हटाया जाय अवैध कब्जा : जगदीश मुर्मू

Updated at : 01 Jan 2026 8:57 PM (IST)
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जिले भर के डाक बंगला की जमीन पर से हटाया जाय अवैध कब्जा : जगदीश मुर्मू

देश मांझी पारगना बाईसी ने संताल परगना सिविल रूल्स-1946 पर की बैठक प्रतिनिधि, जामताड़ा. देश मांझी परगना बाईसी, जामताड़ा इकाई की बैठक गुरुवार को बैठक गांधी मैदान में हुई. इस

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देश मांझी पारगना बाईसी ने संताल परगना सिविल रूल्स-1946 पर की बैठक प्रतिनिधि, जामताड़ा. देश मांझी परगना बाईसी, जामताड़ा इकाई की बैठक गुरुवार को बैठक गांधी मैदान में हुई. इस अवसर पर संताल हूल-1855-57 के अगुआ वीर सिदो-कान्हू मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया. बैठक में संताल परगना सिविल रूल्स-1946 को लेकर चर्चा हुई. देश मांझी परगना बाइसी जगदीश मुर्मू ने बताया कि संताल परगना जस्टिस रेगुलेशन-1893 की धारा-15 यह प्रावधान है कि संताल परगना में डिप्टी कमिश्नर कोर्ट को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और कमिश्नर कोर्ट को हाइकोर्ट के समतुल्य माना गया. कालांतर में इन सभी संताल सिविल कोर्ट के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए संताल परगना इंक्वायरी कमेटी-1937 को नियमावली तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी, जिसका कमेटी ने गंभीरता पूर्वक अध्ययन एवं रिसर्च किया. संताल सिविल रूल्स नियमावली निर्माण कर 01 जनवरी 1946 उसे संताल परगना में लागू किया गया. इसके तहत संताल एवं पहाड़िया समाज के विभिन्न सिविल मामलों जैसे शादी ब्याह से संबंधित, बपौती जमीन को लेकर पौष पुत्र, घर जावांय, चुरूच चावले, देवेर पोटोम, आसुल दुंड़ूच् मामले आदि की सुनवाई संताल सिविल कोर्ट में ही किए जाने का कानूनी प्रावधान है. बताया कि जिले के सभी जिम्मेदार अफसर एवं सांसद, विधायक वीर सिदो-कान्हू, चांद- भैरव, फूलो-झानो मुर्मू, बाबा तिलका मांझी, शाम टुडू पारगाना, हाड़मा देशमांझी, गरभू मांझी, वीर बाजाल सोरेन सहित हजारों हजार संथाल योद्धाओं के बलिदानी लहू से लिखे तमाम कानूनी प्रावधानों को सरजमीं पर अनुपालन सुनिश्चित करें. अन्यथा आनेवाले दिनों में जोरदार आंदोलन किया जाएगा. नारायणपुर पारगना श्रीलाल मुर्मू ने कहा जिले के रिकॉर्डेड जामताड़ा, नारायणपुर, पबिया, कुंडहित, नाला, चापुड़िया डाक बंगला सहित अन्य डाक बंगला की जमीन पर अवैध कब्जा अविलंब हटाया जाय. देश मांझी परगना बाइसी के कानूनी प्रावधानों के तहत सुपुर्द किया जाय, अन्यथा सोहराय पर्व के बाद डुगडुगी बजाकर आंदोलन को ओर अधिक तेज किया जायेगा. मौके पर मांझी किस्तोरी हेंब्रम, वासुदेव मुर्मू, रामेश्वर मुर्मू, बुद्धदेव हांसदा, जयलाल हांसदा, जीवलाल हांसदा, महादेव सोरेन, अनिल हेंब्रम, फूलेश्वर हांसदा आदि थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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JIYARAM MURMU

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By JIYARAM MURMU

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