पंडरा बाजार में आठ साल से फंसा है करोड़ों का सिक्योरिटी डिपॉजिट

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पंडरा बाजार समिति के व्यापारी परेशान हैं. परेशानी की बड़ी वजह यह है कि लगभग आठ साल पहले व्यापारियों ने दुकानों और गोदामों के आवंटन के लिए फॉर्म के साथ सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा किया था.

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रांची. पंडरा बाजार समिति के व्यापारी परेशान हैं. परेशानी की बड़ी वजह यह है कि लगभग आठ साल पहले व्यापारियों ने दुकानों और गोदामों के आवंटन के लिए फॉर्म के साथ सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा किया था. लेकिन बाद में कुल 85 दुकानों का आवंटन रद्द कर दिया गया. इसके बाद से ही व्यापारियों का सिक्योरिटी डिपॉजिट बाजार समिति के पास फंसा है. यह अब तक वापस नहीं मिल पाया है. यह सिक्योरिटी डिपॉजिट करोड़ों रुपये में है.

निर्देश के बाद भी कर दिया गया था आवंटन

कृषि विपणन पर्षद के प्रबंध निदेशक ने 29 जुलाई 2016 को दुकानों और गोदामों के आवंटन का कार्य अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया था. इसके बाद भी तत्कालीन पणन सचिव अजीत कुमार ने इ-ट्रेडिंग के लिए स्व वित्त पोषित योजना के तहत कुल 85 दुकानों के निर्माण से संबंधित पत्र जारी कर दिया था.

जांच में हुआ था खुलासा

दुकानों के आवंटन में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद कृषि विपणन पर्षद की एमडी ने जांच का आदेश दिया था. जांच में जानकारी मिली कि तत्कालीन पणन सचिव अजीत कुमार सिंह की ओर से दुकानों के आवंटन में गड़बड़ी की गयी है. 205 आवेदन के आलोक में 85 लोगों को इ-ट्रेडिंग के नाम पर दुकान की जगह आवंटित कर दी गयी थी. सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में 25,000 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक लिया गया था.

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