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Bomb Blast Update : लैंडमाइंस का डर, 24 घंटे बाद जंगल में घुसी पुलिस, भाकपा माओवादियों ने जंगल में लैंडमाइंस बिछा रखा था

Updated at : 18 Jan 2021 12:52 PM (IST)
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Bomb Blast Update : लैंडमाइंस का डर, 24 घंटे बाद जंगल में घुसी पुलिस, भाकपा माओवादियों ने जंगल में लैंडमाइंस बिछा रखा था

लैंडमाइंस का डर, 24 घंटे बाद जंगल में घुसी पुलिस

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गुमला : गुमला व लातेहार जिला के सीमावर्ती पंडरा गांव के गोताक बंदर लेटा जंगल में भाकपा माओवादियों द्वारा बिछाये गये लैंडमाइंस के विस्फोट में शनिवार को गोपखांड गांव की 35 वर्षीय सांझो देवी की मौत हो गयी थी. 24 घंटे से अधिक समय तक शव जंगल में पड़ा रहा. परंतु पुलिस घटना के तुरंत बाद शव को जंगल से निकाल नहीं पायी.

ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस को डर था कि कहीं जंगल में लैंडमाइंस की चपेट में पुलिस भी न आ जाये. इसलिए पुलिस 24 घंटे बाद रविवार को पूरी तैयारी के साथ जंगल में घुसी. इसके बाद शव को बरामद किया गया, हालांकि पुलिस ने शव को छुआ तक नहीं. परिजन व गांव के लोग अपने जुगाड़ से शव को लकड़ी में बांधकर पहाड़ से उतारे और गांव लाये. इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया.

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मां की मौत से अनाथ हुए दो भाई :

लैंडमाइंस विस्फोट में सांझो देवी की मौत के बाद जब शव को गांव लाया गया, तब मृतका के अनाथ हुए बच्चे सुशील नगेसिया व शिवकुमार नगेसिया चीख-चीखकर रोने लगे. कहने लगे कि पिता तो हमारा साथ पहले ही छोड़ दिये थे, मां, अब तेरी मौत के बाद हम अनाथ हो गये हैं.

शव देख कर शुरू में भाग गये थे ग्रामीण

शनिवार की सुबह नौ बजे जब लैंडमाइंस विस्फोट में महिला की मौत हो गयी थी. तब ग्रामीण पुलिस का इंतजार कर रहे थे कि पुलिस शव लेकर आयेगी. परंतु पुलिस शनिवार को घटना स्थल नहीं पहुंची. अंत में गांव की महिला संपईत देवी, पुष्पा देवी, महरु नगेसिया, सुशील नगेसिया जंगल घुसे और सांझो देवी के शव के पास गये. परंतु क्षत-विक्षत शव देखकर वे लोग डर गये और भागकर वापस गांव आ गये.

24 घंटे तक ग्रामीण पुलिस प्रशासन के आने का इंतजार करते रहे. रविवार सुबह 10:00 बजे पुलिस गांव पहुंचा और शव को जंगल से निकाला गया.

पांच महिलाओं ने भाग कर जान बचायी थी

गुमला व लातेहार के सीमावर्ती पंडरा गांव के गोताक बंदर लेटा जंगल में शनिवार को सुबह 9:00 बजे से 10:00 के बीच पुलिस व भाकपा माओवादी के बीच मुठभेड़ चल रही थी. जहां चार लैंडमाइंस विस्फोट एवं हजारों राउंड गोलियां चली थीं. वहीं जंगल से सटे गोपखाड़ गांव की सात महिलाएं मुठभेड़ से अनभिज्ञ होकर दोना पत्तल तोड़ने के उद्देश्य जंगल में घुसी थी. वहीं लैंडमाइंस की चपेट में आने से सांझो देवी की मौत हो गयी थी. जबकि फुलमईत देवी घायल हुई हैं. अन्य पांच महिलाओं ने भागकर जान बचायी थी.

लैंडमाइंस से शव उड़ कर पत्थर के बीच फंस गया था

ग्रामीणों के अनुसार, रविवार सुबह 10:00 बजे महुआडांड़ थाना, गारू थाना व ग्रामीण बंदरलेटा जंगल घुसे. इसके बाद 11.30 बजे महिला का क्षत-विक्षत शव जंगल से मिला. शव को गारू थाना ले जाया गया, जहां से 4.30 बजे उक्त महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए लातेहार भेजा गया. महिला का एक पैर उड़ा गया था. दोनों हाथ बम विस्फोट से जल गये थे. शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगी थी. शव पत्थर के बीच में पड़ा हुआ था. इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि लैंडमाइंस विस्फोट के बाद महिला उड़ कर पत्थर के समीप जाकर गिरी थी.

Posted By : sameer Oraon

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