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15 Years Of Wake Up Sid: एक कल्ट क्लासिक जिसने सिखाए हमें जिंदगी के बड़े सबक

Updated at : 02 Oct 2024 9:28 PM (IST)
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15 Years Of Wake Up Sid

15 Years Of Wake Up Sid

Wake Up Sid ने हमें कंफर्ट जोन से बाहर निकलने, सपनों का पीछा करने, हर पल को जीने और सच्चे प्यार का महत्व सिखाया. फिल्म आज भी दिलों में जिंदा है.

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15 Years Of Wake Up Sid : 2 अक्टूबर 2009 को रिलीज हुई वेक अप सीड वो फिल्म है जिसने यंगस्टर्स के दिलों में एक खास जगह बनाई. रणबीर कपूर और कोंकणा सेन शर्मा की इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि यह एक कल्ट क्लासिक बन गई जिसे लोग आज भी याद करते हैं. इस फिल्म ने हमें जिंदगी के कई ऐसे सबक सिखाए जो हम सबकी जिंदगी में कहीं न कहीं फिट होते हैं.

आज फिल्म की 15वीं एनिवर्सरी के मौके पर, चलिए देखते हैं उन जरूरी लाइफ लेसन्स को जो हमने ‘वेक अप सिड ‘ से सीखे.

1. कम्फर्ट जोन से निकलना बेहद जरूरी है

फिल्म का सबसे बड़ा मैसेज यही है कि कंफर्ट जोन में हमेशा रहकर जिंदगी में आगे नहीं बढ़ा जा सकता. जैसे आयशा ने अपनी लाइफ में स्टैंड लिया और मुंबई में नए सपनों के साथ आई, वैसे ही हमें भी अपनी ज़िंदगी के बड़े फैसले लेने चाहिए, चाहे वो कितने भी मुश्किल क्यों न लगें.

2. फियर को फेस करना ही असली जीत है

मुंबई आना मेरा सपना था, और अब जब यहां हूं तो डर नहीं सकती. आयशा का ये डायलॉग हमें सिखाता है कि डर से भागने के बजाय उसे फेस करना चाहिए. जितना बड़ा सपना, उतनी ही बड़ी चुनौतियाँ होंगी, लेकिन डर के आगे जीत है.

15 Years Of Wake Up Sid
15 years of wake up sid

3. हर पल को जीना जरूरी है

हु केयर्स की कल क्या होगा… ऐज लोंग ऐज वी हैव सम फन टुनाइट, सिड का यह डायलॉग पूरी जनरेशन के लिए एक वाइब बन गया था. जिंदगी में चाहे जितनी भी टेंशन हो, कभी-कभी पल में जीना और खुशियों को एंजॉय करना भी जरूरी होता है.

4. छोटी-छोटी खुशियों में ही असली मज़ा है

यह भी तो पार्टी है … तुम, मैं और दो कप चाय. फिल्म ने हमें सिखाया कि बड़ी-बड़ी चीजों में ही खुशी ढूंढने की जरूरत नहीं है. छोटी-छोटी चीजे जैसे दोस्तों के साथ चाय पीना या देर रात तक बातें करना, यही जिंदगी के असली मजे हैं.

5. असफलता आपकी पहचान नहीं होती

मुझे नहीं पता मुझे क्या करना है, पर अब मुझे काम करना है बस. सिड का यह रियलाइजेशन हर उस इंसान से रिलेट करता है जो जिंदगी में कभी लॉस्ट महसूस करता है. असफलता का मतलब यह नहीं कि आप कुछ नहीं कर सकते, बल्कि यही वह मौका है जब आपको खुद की पहचान बनानी होती है.

6. सच्चा प्यार वही है जो आपको बेहतर बनाए

गोल्स पाने की खुशी तब होती है जब उसे किसी के साथ शेयर कर सको.फिल्म ने हमें सिखाया कि प्यार सिर्फ रोमांस नहीं है, बल्कि एक ऐसा अहसास है जो आपको बेहतर इंसान बनने में मदद करता है.

अगर आपने ये फिल्म अभी तक नहीं देखी है तो ये फिल्म औटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर है, इस कल्ट को लाइफ में एक बार जरूर देखे.

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Sahil Sharma

लेखक के बारे में

By Sahil Sharma

Literature enthusiast with go getter persona, Putting my thoughts out there with the tendency that world will read it. Currently writing on the updates of tinsel town Bilbliographic, Enthusiastic, Positive

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