पिता चपरासी, बेटी के UPSC पास करने का दावा फर्जी 

Published by :Shambhavi Shivani
Published at :12 Mar 2026 1:54 PM (IST)
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Success Story

Success Story: गोल घेरे में शिखा, बैकग्राउंड में उनके दादा (PC-सोशल मीडिया)

Success Story UPSC AIR 113: शिखा उत्तर प्रदेश की बुलंदशहर की रहने वाली हैं. उनके पिता चपरासी का काम करते हैं. UPSC का फाइनल रिजल्ट आते ही शिखा के घर खुशियों की लहर आ गई. शिखा को लगा कि उन्होंने UPSC की परीक्षा रैंक 113 लाकर क्रैक कर ली है. लेकिन सच सामने आते ही परिवार का जश्न उदासी में बदल गया है.

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Success Story: यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा में इस बार 958 कैंडिडेट्स पास हुए हैं. रिजल्ट जारी होते ही बुलंदशहर की रहने वाली शिखा सिंह की चर्चा हर तरफ होने लगी. UPSC रिजल्ट में Rank 113 पर शिखा नाम लिखा हुआ है. इसपर शिखा को लगा कि उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा क्रैक कर ली है. इसके बाद क्या था पूरा परिवार जश्न मनाने में लग गया. यहां तक कि उनके मोहल्ले में ढोल बजाकर शिखा का भव्य स्वागत भी हुआ.

रिजल्ट आने के कुछ ही देर बाद शिखा के परिवार को तगड़ा झटका लगा. दरअसल, UPSC AIR 113 पर बुलंदशहर की शिखा सिंह का नहीं बल्कि हरियाणा की शिखा का नाम है. रोल नंबर चेक करने पर शिखा सिंह के परिवार का कंफ्यूजन दूर हुआ.

शिखा के पिता चपरासी

शिखा उत्तर प्रदेश की बुलंदशहर की रहने वाली हैं. उनके पिता प्रेमचंद, गांधी कन्या इंटर कॉलेज सियाणा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं. पिता भले ही चपरासी हों लेकिन उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई को सपोर्ट किया. वहीं यूपीएससी में बेटी की सफलता की खबर आई तो परिवार में त्योहार सा माहौल हो गया. लेकिन कुछ ही देर के बाद सारी खुशियां धरी की धरी रह गईं.

यूपीएससी की तैयारी

शिखा मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताती हैं कि उन्होंने यूपी बोर्ड के चौधरी वीरपाल सिंह इंटर कॉलेज, बाड़ा से हाईस्कूल की परीक्षा पास की है. वहीं साल 2013 में उन्होंने गांधी बाल निकेतन कन्या इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की. साल 2016 में उन्होंने IP कॉलेज से BSc की परीक्षा पास की थी.  इसके बाद उन्होंने BTS भी किया. फिर दिल्ली के मुखर्जीनगर में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने लगीं.

पहले प्रयास में हो गईं फेल

पहले प्रयास में शिखा असफल हो गईं. इससे निराश होकर उन्होंने अपना रास्ता नहीं बदला और न खुद को कमजोर होने दिया. उन्होंने पिछले साल अपना दूसरा अटेम्प्ट दिया. अब रिजल्ट की सच्चाई सामने आने पर उनका इस साल भी IAS बनने का सपना अधूरा रह गया. शिखा पांच भाई-बहन हैं, वे तीसरे नंबर पर हैं. 

रिजल्ट आने पर फूट-फूटकर रोए दादा

शिखा के दादा ने जैसे ही रिजल्ट की खबर सुनी, वे फूट-फूट कर रोने लगे. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ. वहीं, शिखा के पिता प्रेमचंद ने मीडिया से बात करते वक्त कहा कि नाम के चलते कन्फ्यूजन बढ़ गया है.

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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