पिता की आखिरी इच्छा, मां ने बेचे गहने, यूपी का लाल इस तरह बना असिस्टेंट कमांडेंट

Published by :Shambhavi Shivani
Published at :02 May 2026 5:25 PM (IST)
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Success Story Sidharth Saxena

सिद्धार्थ सक्सेना

Success Story: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ ने कई सालों की मेहनत के बाद UPSC परीक्षा क्रैक की. पिता को खोने का दु:ख, गरीबी सभी को चीर कर उन्होंने ये सफलता हासिल की है.

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Success Story: उत्तर प्रदेश के रहने वाले सिद्धार्थ सक्सेना की उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो एक गोल लेकर तो चलते हैं लेकिन रास्ते में आए बाधाओं के कारण उसे पूरा नहीं कर पाते हैं. इससे उलट सिद्धार्थ सक्सेना ने कड़ी मेहनत और हिम्मत के दम पर UPSC CAPF परीक्षा पास कर असिस्टेंट कमांडेंट बनने का सपना पूरा किया.

पिता ने कम सैलरी में भी बेटों को पढ़ाया

सिद्धार्थ सक्सेना उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के छोटे से कस्बे बीसलपुर के रहने वाले हैं. सिद्धार्थ के पिता सहकारी समिति में अकाउंटेंट के रूप में काम करते थे. 15,000 रुपये की महीने की सैलरी के दम पर उनके पिता ने 4 बेटों को पढ़ाने का फैसला लिया. 

दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई 

सिद्धार्थ ने अपने जिले पीलीभीत से 12वीं तक की पढ़ाई की. इसके बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए सिद्धार्थ ने दिल्ली का रुख किया. सिद्धार्थ ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से 2019 में फिजिक्स में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. उन्होंने इसके बाद UPSC क्रैक करने का सपना देखा. उन्होंने तैयारी शुरू की लेकिन फिर कोरोना आ गया. 

बिस्तर पर लेटे हुए पिता ने लिया अफसर बनने का वचन 

साल 2019 में पिता का लिवर डैमेज से निधन हो गया. जाने से पहले पिता ने एक दिन बिस्तर पर लेटे-लेटे सिद्धार्थ से कहा कि उनके जाने के बाद भी वे तैयारी करते रहें और अफसर बनकर ही दम लें. हालांकि, पिता के निधन ने पूरे परिवार को गहरा सदमा दिया.

मां ने गहने बेचकर बेटे को भेजा दिल्ली

रिश्तेदारों ने सिद्धार्थ को छोटी-मोटी नौकरी करके परिवार चलाने की सलाह दी. लेकिन मां और बड़े भाई ने उनकी हिम्मत बढ़ाई और UPSC की तैयारी के लिए जुटने को कहा. मां ने अपना गहना बेचकर सिद्धार्थ को दिल्ली पढ़ने भेजा.

10 बार असफल, फिर भी नहीं मानी हार

सिद्धार्थ ने एक साल में करीब 10 परीक्षाएं दीं, लेकिन बार-बार असफलता हाथ लगी. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तैयारी जारी रखी. सिद्धार्थ ने बाद में Delhi University से इतिहास में मास्टर्स भी किया है. इसके बाद उन्होंने UGC NET परीक्षा भी पास की. 

2024 में पाई सफलता

उन्होंने IAS और UPPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास की, लेकिन फाइनल में सफल नहीं हो सके. इसी बीच CAPF परीक्षा को बैकअप के तौर पर दिया और 2024 में ऑल इंडिया रैंक 326 हासिल कर असिस्टेंट कमांडेंट बन गए. 

प्रेरणा देती है ये कहानी

सिद्धार्थ सक्सेना की यह सफलता कहानी बताती है कि मुश्किल हालात, आर्थिक तंगी और असफलताएं भी आपके सपनों को रोक नहीं सकतीं. अगर मेहनत और धैर्य बना रहे, तो सफलता जरूर मिलती है.

यह भी पढ़ें- 7 साल की मेहनत, 34 बार असफल…UP के अजय ऐसे बने UPSC CAPF में अफसर

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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