पहले अटेम्प्ट में BPSC फतह, गया की तृप्ति APO में टॉपर
BPSC 70वीं में रैंक 40 लाने वाली APO टॉपर तृप्ति कुमारी
BPSC Success Story Tripti Kumari: बिहार के गया की रहने वाली तृप्ति कुमारी ने पहले ही प्रयास में BPSC 70वी परीक्षा रैंक 40 लाकर क्रैक कर ली है. सबसे खास बात यह रही कि असिस्टेंट प्लानिंग ऑफिसर (APO) पद पर तृप्ति ने टॉप किया है.
BPSC Success Story Tripti Kumari: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की तरफ से 70वीं कंबाइंड परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. दो साल के इंतजार के बाद इस परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ, जिसमें 2009 कैंडिडेट्स का सेलेक्शन हुआ है. बिहार के गया की रहने वाली तृप्ति कुमारी की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने पहले ही प्रयास में ना सिर्फ पूरे प्रदेश में रैंक 40 हासिल किया है बल्कि असिस्टेंट प्लानिंग ऑफिसर (APO) के पद पर टॉपर भी रहीं हैं. आइए उनकी जर्नी (BPSC Success Story) को करीब से देखते हैं.
BPSC Success Story Tripti Kumari: कौन हैं तृप्ति कुमारी?
तृप्ति कुमारी का होम टाउन गया है. हालांकि, उनकी स्कूलिंग कई शहरों में हुई है. तृप्ति की मां शशि कुमारी नवादा में बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि पिता संजीव कुमार सिन्हा ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया. उनके भाई बेंगलुरु में इंजीनियर हैं.
पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन
तृप्ति ने 12वीं की परीक्षा कैमूर में रहकर पास की. इसके बाद रांची के मशहूर सेंट जेवियर्स कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. यही विषय आगे चलकर उनकी सिविल सेवा की तैयारी में भी काफी मददगार साबित हुआ.
सिविल सर्विस की तैयारी
ग्रेजुएशन के बाद से ही तृप्ति ने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी. उन्होंने साल 2024 में पहली बार UPSC की परीक्षा भी दी थी. 2024 में ही उन्होंने पहली बार BPSC 70वीं परीक्षा के लिए भी आवेदन किया था, जिसका रिजल्ट अब जारी हुआ है.
तृप्ति ने प्रीलिम्स की तैयारी के लिए किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया. उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और घर पर रहकर ही पढ़ाई की. हां, मेन्स एग्जाम के समय उन्होंने अपनी तैयारी को परखने के लिए सिर्फ एक टेस्ट सीरीज की मदद ली थी.
फिक्स्ड टाइम टेबल नहीं
तृप्ति की तैयारी का तरीका भी काफी दिलचस्प रहा. उनका कोई फिक्स्ड टाइम टेबल नहीं था. वे घंटों की गिनती करने के बजाय यह देखती थीं कि सिलेबस का कौन सा हिस्सा बाकी है और उसे कैसे बेहतर तरीके से पूरा किया जाए.

पढ़ाई के बीच तनाव कम करने के लिए वे वेब सीरीज देखती थीं. इतना ही नहीं, वे सोशल मीडिया से भी पूरी तरह दूर नहीं हुईं. उनका मानना है कि संतुलन बनाकर चलना जरूरी है, ताकि दिमाग तरोताजा रहे और पढ़ाई बोझ न लगे.
UPSC का लक्ष्य
BPSC में शानदार सफलता (BPSC Success Story) के बाद भी तृप्ति की मंजिल अभी बाकी है. उनका अगला लक्ष्य UPSC परीक्षा को क्रैक करना है. तृप्ति बताती हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा सपोर्ट अपने माता-पिता से मिला. वहीं उनके मामा जो रांची में एक कोचिंग क्लास चलाते हैं उन्होंने भी सही मार्गदर्शन देकर उनकी तैयारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई.
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लेखक के बारे में
By रवि मल्लिक
रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.
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