7 साल की मेहनत, 34 बार असफल…UP के अजय ऐसे बने UPSC CAPF में अफसर

अजय प्रताप सिंह अपने परिवार के साथ (PC-सोशल मीडिया)
Success Story: कहते हैं असफलता कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर हिम्मत और मेहनत जारी रहे, तो सफलता जरूर मिलती है. कुछ ऐसी ही कहानी है यूपी के अजय प्रताप सिंह की, जिनहोंने 34 बार फेल होने के बाद भी हार नहीं मानी.
Success Story: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के रहने वाले अजय प्रताप सिंह की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है, जो बार-बार असफल होने के बाद हार मान लेते हैं. अजय ने 7 साल तक लगातार मेहनत की और 34 बार असफल होने के बावजूद अपने सपने को नहीं छोड़ा.
परिवार से मिला हौसला
अजय की मां सरकारी अस्पताल में नर्स हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन माता-पिता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. पढ़ाई के बाद अजय दिल्ली गए, जहां उन्होंने UPSC और अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की.
शुरुआत में लगातार असफलता
अजय ने 2019 में अपना पहला UPSC अटेंप्ट दिया, लेकिन प्रीलिम्स क्लियर नहीं कर पाए. 2020 में GS पेपर में असफल रहे, 2021 में फिर प्रीलिम्स क्लियर नहीं हुआ. तीन साल तक लगातार असफल रहने के बाद उन्हें बड़ा झटका लगा. उन्हें लगा कि शायद उन्होंने गलत रास्ता चुन लिया है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
34 बार फेल, फिर भी जारी रखी तैयारी
अजय ने UPSC के साथ-साथ UPPSC और अन्य सरकारी परीक्षाएं भी दीं. कुल मिलाकर वे 34 बार असफल हुए. कभी प्रीलिम्स में तो कभी मेन्स में फेल हुए, लेकिन कोशिश जारी रखी. एक बार उन्होंने UPSC CAPF (AC) की परीक्षा का रिटेन भी क्लियर किया, लेकिन फिजिकल टेस्ट में असफल हो गए.
पिता के शब्द बने टर्निंग पॉइंट
फिजिकल टेस्ट में फेल होने के बाद अजय टूट गए थे. उन्होंने पिता को फोन किया और रोते हुए अपनी असफलता बताई. पिता ने उन्हें हिम्मत दी और कहा कि तुम जरूर सफल होगे, बस समय खराब चल रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि वे दिल्ली तभी आएंगे जब अजय अफसर बनेंगे.
2024 में मिली सफलता
आखिरकार 2024 में अजय ने फिर से UPSC CAPF (AC) परीक्षा दी. रिटेन क्लियर किया और फिजिकल टेस्ट पास किया. इंटरव्यू के लिए पहुंचें तो देखा अन्य अस्पिरेंट डरे हुए थे. लेकिन इतनी बार असफलताओं को झेलने के कारण उनका डर कहीं भाग गया था. उन्हें इंटरव्यू क्लियर किया.
दोस्त के फोन से मिली खुशखबरी
रिजल्ट आने पर एक दोस्त ने फोन करके जानकारी दी. जब अजय ने अपना रिजल्ट देखना शुरू किया तो पहले, दूसरे पेज में उनका नाम कहीं दिख नहीं रहा था. उन्होंने दोबार चेक किया तो देखा कि उनकी All India Rank 392वीं थी. यह देखते ही उनकी आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने तुरंत अपने पिता को फोन किया. पिता से कहा अब आपका बेटा CAPF में असिस्टेंट कमांडेंट बन चुका है, अब आप दिल्ली आइए. अजय के पिता दिल्ली आए लेकिन उन्होंने सबसे पहले वो कमरा देखने की मांग रखी, जिससे पढ़कर अजय इस मुकाम तक पहुंचे.
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By Shambhavi Shivani
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