अब मेट्रो नहीं, इन 5 छोटे शहरों में तेजी से बढ़ रहे हैं जॉब के ऑप्शन

साकेंतिक तस्वीर (PC-Freepik)
India Job Market Trends: Indore में IT और सर्विस सेक्टर की नौकरियों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है. आमतौर पर लोग मानते हैं कि करियर में आगे बढ़ने के लिए मेट्रो सिटी में जाना ही सबसे बेहतर ऑप्शन है, लेकिन अब यह सोच धीरे-धीरे बदल रही है.
India Job Market Trends: जब भी करियर ग्रोथ, हाई सैलरी और अच्छी नौकरी पाने की बात आती है तो लोग मेट्रो सिटी का रुख करते हैं. आमतौर पर लोगों का सोचना है कि अगर करियर में अच्छा पोजिशन हासिल करना है तो मेट्रो सिटी मूव करना ही बेस्ट ऑप्शन है. लेकिन ऐसा नहीं है, अब ये सोच बदल रही है. एक रिसर्च के अनुसार, अब छोटो शहरों में जॉब्स ऑप्शन बढ़ रहे हैं.
इन शहरों में बढ़ रहा है जॉब का ट्रेंड
इंसाइट ट्रैकर के एक डाटा के अनुसार, इंदौर, कोयंबटूर, जयपुर, भुवनेश्वर और लखनऊ जैसे शहरों में नौकरी के ऑप्शन बढ़ रहे हैं. दाहरण के तौर पर, Indore में IT और सर्विस सेक्टर की नौकरियों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जबकि Coimbatore अब अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस के साथ टेक्नोलॉजी सेक्टर को भी तेजी से जोड़ रहा है. वहीं Jaipur स्टार्टअप्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का नया हब बनता जा रहा है, जबकि Bhubaneswar इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और सरकारी पॉलिसी के चलते तेजी से उभर रहा है. Lucknow, जिसे लंबे समय तक सिर्फ एक प्रशासनिक केंद्र माना जाता था, अब BFSI और सर्विस सेक्टर में हायरिंग के जरिए नई पहचान बना रहा है.
टेबल से समझें ट्रेंड
| शहर | जॉब ग्रोथ (पिछले 5 साल) | औसत सैलरी (2026) | रहने का खर्च (मासिक) | 5 साल में खर्च का ट्रेंड |
|---|---|---|---|---|
| इंदौर | लगभग 20–25% | ₹4–10 लाख/वर्ष | ₹18,000–35,000 | मध्यम बढ़ोतरी (20–30%) |
| कोयंबटूर | लगभग 25–30% (IT ग्रोथ) | ₹5–12 लाख/वर्ष | ₹20,000–40,000 | मध्यम बढ़ोतरी (25–35%) |
| भुवनेश्वर | लगभग 20–28% | ₹3.5–11 लाख/वर्ष | ₹18,000–32,000 | हल्की बढ़ोतरी (20–25%) |
| जयपुर | लगभग 20–30% (लॉजिस्टिक्स + IT) | ₹4–12 लाख/वर्ष | ₹22,000–45,000 | मध्यम से ज्यादा बढ़ोतरी (30–40%) |
| लखनऊ | लगभग 18–25% | ₹4–10 लाख/वर्ष | ₹20,000–38,000 | मध्यम बढ़ोतरी (25–35%) |
क्या है नया ट्रेंड?
इन शहरों में कंपनियां तेजी से हायरिंग कर रही हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. हालांकि, सैलरी में उतनी तेजी से बढ़ोतरी नहीं हो रही. इसका मतलब यह है कि अब जॉब मार्केट सिर्फ हाई सैलरी पर नहीं, बल्कि ज्यादा अवसर और स्थिर ग्रोथ पर फोकस कर रहा है.
क्यों बढ़ रहे हैं छोटे शहर?
कम खर्च में कंपनियों को टैलेंट मिल रहा है
इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री तेजी से विकसित हो रही है
वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड मॉडल ने छोटे शहरों को बढ़ावा दिया है
नई इंडस्ट्रीज (IT, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर) इन शहरों में आ रही हैं
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लेखक के बारे में
By Shambhavi Shivani
शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.
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