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CBSE Class 10th Hindi Paper: कैसा रहा हिंदी का पेपर? एक्सपर्ट ने दी ये बड़ी जानकारी

Updated at : 02 Mar 2026 2:49 PM (IST)
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CBSE Class 10th Hindi Paper

CBSE Class 10th Hindi Paper: प्रतीकात्मक तस्वीर (PC-Freepik)

CBSE Class 10th Hindi Paper: टीचर ने बताया तीनों सेट के व्याकरण वाले सेक्शन में कुल 5 सवाल पूछे गए थे. इनमें से 3 सवाल आसान रहे. लेकिन बाकी के 2 सवाल थोड़े चुनौतीपूर्ण थे.

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CBSE Class 10th Hindi Paper Analysis: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से आज क्लास 10वीं की हिंदी परीक्षा आयोजित की गई. परीक्षा एक ही शिफ्ट में 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक हुई. स्टूडेंट्स और टीचर्स से मिली शुरुआती फीडबैक को देखें अगर तो कहा जा सकता है कि पेपर की कठिनाई का स्तर मध्यम था. आइए, विस्तार से जानते हैं कि एक्सपर्ट का क्या कहना है.

कैसा रहा हिंदी का पेपर?

रांची स्थित कैराली स्कूल की हिंदी विषय की शिक्षिका अर्चना शर्मा (TGT) ने कहा कि पेपर को देखने और स्टूडेंट्स के फीडबैक से लगता है कि हिंदी पेपर का लेवल मॉडरेट था. पेपर बैलेंसड था और सिलेबस के अनुसार प्रश्न पूछे गए थे. जिन स्टूडेंट्स ने सैंपल पेपर और पिछले साल के प्रश्न पत्र से प्रैक्टिस की थी, उनके लिए परीक्षा में टाइम मैनेजमेंट आसान रहा.

CBSE हिंदी पेपर में व्याकरण के सवाल थोड़े मुश्किल थे

अर्चना शर्मा ने कहा कि हिंदी के पेपर में सेट-2 के 11वें प्रश्न के पहले सवाल में एक मिसप्रिंट था. इसमें ‘की’ के बजाय ‘कि’ प्रिंट हो गया था. उन्होंने आगे बताया कि तीनों सेट के व्याकरण वाले सेक्शन में कुल 5 सवाल पूछे गए थे. इनमें से 3 सवाल आसान रहे. लेकिन बाकी के 2 सवाल थोड़े चुनौतीपूर्ण थे.

किस तरह के प्रश्न पूछे गए?

रांची स्थित जेवीएम श्यामली स्कूल की हिंदी की शिक्षिका ज्योति भारद्वाज ने कहा कि इस बार का हिंदी का पेपर संतुलित था. व्याकरण का सेक्शन पूरी तरह से NCERT बेस्ड था. विशेष रूप से ‘मिश्र वाक्य’ और ‘उपवाक्य’ की पहचान वाले प्रश्नों ने छात्रों की तार्किक क्षमता को परखा. ऐसे स्टूडेंट्स जिन्होंने रटने के बजाय कॉन्सेप्ट को समझकर प्रैक्टिस की, उन्हें काफी लाभ मिला.

वहीं साहित्य की बात करें तो इसमें भी स्टूडेंट्स के वैचारिक गहराई को परखा गया. ‘नेताजी का चश्मा’ और ‘बालगोबिन भगत’ जैसे पाठों से पूछे गए प्रश्न छात्रों की तार्किक क्षमता को परखते हैं. ‘माता का अंचल’ में ग्रामीण संस्कृति की बारीकियों और ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ में प्रकृति के अनूठे खेल (छाया और माया) पर आधारित प्रश्न पूछे गए. आधुनिकता और सामाजिक सरोकार लेखन खंड में ‘मोटापा’ और ‘मधुर वाणी’ जैसे समसामयिक विषयों पर सवाल आए. ई-मेल और विज्ञापन लेखन भी आया.

क्या स्कोर कर पाएंगे स्टूडेंट्स?

अर्चना शर्मा ने कहा कि कुल मिलाकर पेपर बैलेंसड था, सिलेबस बेस्ड था और स्टूडेंट्स के लिए आसान रहा. जिन स्टूडेंट्स ने प्रैक्टिस किया होगा, उनके लिए पेपर ठीक रहा होगा, वे अच्छा स्कोर कर पाएंगे.

CBSE 10वीं कक्षा की अगली परीक्षा कब है?

आज हिंदी कोर्स A और B की परीक्षा देश के विभिन्न सेंटर पर एक शिफ्ट में आयोजित की गई. इसके बाद अगली परीक्षा 7 मार्च को सोशल साइंस की है. वहीं 11 मार्च को लास्ट परीक्षा होगी, जोकि भाषा और टेक्निकल विषय की होगी. 17 फरवरी से बोर्ड 10वीं की परीक्षा शुरू हो गई है. पहला पेपर मैथ्स का था.

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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