RIMS में 250 MBBS सीट्स के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं, जाने कैसे मिलता है एडमिशन

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RIMS कॉलेज (PC-ऑफिशियल वेबसाइट)

RIMS MBBS Seats: RIMS में MBBS में एडमिशन के लिए कैंडिडेट्स को NEET UG परीक्षा पास करनी होती है. संस्थान में MBBS की 250 सीटों के हिसाब से सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है. अब स्टूडेंट्स को क्लासरूम, क्लीनिकल ट्रेनिंग, वार्ड और अस्पताल आधारित शिक्षण की सुविधा मिलेगी.

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RIMS MBBS Seats: रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में MBBS की 250 सीटों के हिसाब से सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और RIMS मैनेजमेंट की एक बैठक हुई, जिसमें अस्पताल की सुविधाओं, स्टाफ और पढ़ाई से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई. बैठक में तय किया गया कि 250 MBBS सीटों के लिए NMC के नियमों के मुताबिक जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

250 MBBS सीटों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं

प्रभात खबर अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में निर्माण कार्य, OPD और IPD सेवाएं, वार्डों के अपग्रेडेशन, मरीजों की सुविधाएं और अलग-अलग विभागों की जरूरतों पर चर्चा की गई. इसके अलावा मैनपावर, शैक्षणिक सुविधाओं और क्लीनिकल सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई. RIMS निदेशक डॉ डीके सिन्हा ने लंबित निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने और निर्माण में क्वालिटी बनाए रखने की बात कही.

NEET UG के जरिए मिलता है MBBS में एडमिशन

RIMS में MBBS में एडमिशन के लिए कैंडिडेट्स को NEET UG परीक्षा पास करनी होती है. NEET UG में प्राप्त स्कोर और रैंक के आधार पर कैंडिडेट्स मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होते हैं. काउंसलिंग के दौरान कैंडिडेट्स को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का ऑप्शन भरना होता है. सीट आवंटन के बाद जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने पर एडमिशन कंफर्म होता है.


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MBBS के अलावा ये कोर्स भी उपलब्ध

RIMS में MBBS के अलावा डेंटल और नर्सिंग से जुड़े कोर्स भी संचालित किए जाते हैं. संबंधित कोर्सेज में एडमिशन के लिए कैंडिडेट्स को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं. मेडिकल प्रवेश से जुड़े कोर्सेज में NEET UG स्कोर के आधार पर एडमिशन प्रक्रिया अपनाई जाती है.

छात्रों के लिए क्यों अहम है 250 सीटों का विस्तार?

MBBS की 250 सीटों के अनुरूप सुविधाओं को मजबूत किए जाने से मेडिकल छात्रों को बेहतर क्लासरूम, क्लीनिकल ट्रेनिंग, वार्ड और अस्पताल आधारित शिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. साथ ही NMC के निर्धारित मानकों के अनुरूप संस्थान की शैक्षणिक और चिकित्सा सुविधाओं को विकसित करने पर भी जोर रहेगा.

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शाम्भवी शिवानी

लेखक के बारे में

By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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