पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा या EV को मिलेगा बढ़ावा? बजट 2026 में आज दिखेगा सरकार का फ्यूल फॉर्मूला

Petrol Diesel Price After Budget 2026
Budget 2026: आज बजट 2026 में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सबकी निगाहें हैं. ₹5.5 लाख करोड़ के टैक्स राजस्व के बाद, क्या वित्त मंत्री एक्साइज ड्यूटी घटाकर महंगाई से राहत देंगी? ₹100 के पार पहुंचे तेल के दामों के बीच आज का फैसला आपके घर का बजट तय करेगा.
Budget 2026: आज जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2026 का खाका रखेंगी, तो करोड़ों भारतीयों की नजरें तेल की कीमतों पर टिकी होंगी. पेट्रोल और डीजल सिर्फ ईंधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की धड़कन हैं, क्योंकि इनका सीधा असर रसोई से लेकर परिवहन और महंगाई तक पड़ता है.
क्या सरकार देगी करों में छूट?
वित्त वर्ष 2024 में सरकार ने ईंधन पर लगने वाले टैक्स से ₹5.5 लाख करोड़ से अधिक की कमाई की थी. राजस्व का इतना बड़ा हिस्सा होने के कारण ही आम जनता उम्मीद कर रही है कि इस बार सरकार एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में कटौती कर राहत का मरहम लगाएगी. वर्तमान में प्रमुख शहरों में पेट्रोल ₹95 से ₹105 और डीजल ₹90 से ₹100 के आसपास बना हुआ है.
महंगा पेट्रोल और ग्लोबल मार्केट का गणित
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% हिस्सा विदेशों से आयात करता है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी गई है, लेकिन घरेलू स्तर पर ऊंचे टैक्स की वजह से इसका फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाया है. आज के बजट से उम्मीद है कि सरकार वैश्विक कीमतों में गिरावट का लाभ जनता को देने के लिए कोई ठोस नीति अपनाएगी.
माल ढुलाई और डीजल की चुनौती
देश की करीब 40% लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई डीजल पर निर्भर है. डीजल की कीमतों में मामूली बदलाव भी खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को बढ़ा देता है. उद्योग जगत को उम्मीद है कि परिवहन लागत कम करने के लिए बजट में डीजल पर टैक्स का बोझ कम किया जाएगा.
पेट्रोल-डीजल और GST क्या सुलझेगी गुत्थी?
ईंधन को GST के दायरे में लाने की मांग लंबे समय से हो रही है. अगर ऐसा होता है, तो मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा मिलेगा, जिससे व्यापारिक लागत घटेगी. हालांकि, केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व के बंटवारे को लेकर सहमति न बन पाने के कारण इस बजट में भी इसे GST में शामिल किए जाने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है.
रसोई गैस और महिलाओं के लिए खास उम्मीदें
महंगाई के मोर्चे पर LPG (गैस सिलेंडर) को लेकर भी चर्चा तेज है. उम्मीद की जा रही है कि ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत सब्सिडी में बढ़ोतरी की जा सकती है ताकि गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिल सके. इसके साथ ही, महिलाओं के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा भी संभव है, जो उनके बजट को संतुलित करने में मदद करेगा.
EV और ग्रीन एनर्जी पर ज्यादा भरोसा
जानकारों का मानना है कि सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर ज्यादा ध्यान दे रही है. बजट में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पर टैक्स छूट और नई सब्सिडी के जरिए लोगों को पेट्रोल से हटाकर बिजली से चलने वाली गाड़ियों की ओर मोड़ने की कोशिश की जा सकती है.
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लेखक के बारे में
By Anshuman Parashar
अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.
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