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UPI पेमेंट फेल! 15 दिन में तीसरी बार आई तकनीकी खराबी, एनपीसीआई आया बड़ा बयान

Updated at : 12 Apr 2025 5:19 PM (IST)
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UPI payment

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UPI: शनिवार 12 अप्रैल 2025 को यूपीआई सेवाएं तीसरी बार बाधित हुईं, जिससे लाखों यूजर्स को पेमेंट में दिक्कतें आईं. Downdetector पर हजारों शिकायतें दर्ज हुईं. NPCI ने तकनीकी समस्या स्वीकारते हुए तकनीकी समाधान का आश्वासन दिया है.

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UPI: देश में एक बार फिर शनिवार 12 अप्रैल 2025 को UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) सर्विसेज में बड़ी बाधा आ गई. देश के लाखों यूजर्स ने UPI से पेमेंट करने में समस्याओं का सामना किया. पिछले 15 दिनों में यह तीसरा मौका है, जब यूपीआई यूजर्स को डिजिटल पेमेंट करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा. इससे पहले 26 मार्च 2025 और 2 अप्रैल 2025 को भी इसी तरह की तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं. इस समस्या को लेकर यूपीआई संचालन की निगरानी करने वाली संस्था

Downdetector पर बढ़ीं शिकायतें

Downdetector की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार की सुबह करीब 11 बजे से यूजर्स ने यूपीआई पेमेंट में आने वाली परेशानियों को लेकर शिकायत करना शुरू कर दिया. दोपहर करीब 1 बजे तक 2,300 से अधिक यूजर्स ने यूपीआई पेमेंट में आ रही समस्याओं की शिकायतें दर्ज करवाईं.

  • करीब 81% लोगों ने पेमेंट फेल होने की शिकायत कराई.
  • करीब 17% यूजर्स को फंड ट्रांसफर में दिक्कत हुई.
  • 2% यूजर्स को ऑनलाइन शॉपिंग में परेशानी आई.
  • यह आउटेज केवल किसी एक बैंक या एप्लिकेशन तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे यूपीआई नेटवर्क पर असर देखा गया.

UPI सिस्टम बन गया महत्वपूर्ण

  • भारत में यूपीआई सबसे भरोसेमंद और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाला डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है.
  • यूपीआई के माध्यम से हर महीने करीब 17 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन होते हैं.
  • इस पेमेंट सिस्टम के जरिए देश में कुल लेनदेन की राशि करीब 25 लाख करोड़ रुपये से अधिक होती है.
  • भारत के अलावा अब नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, मॉरिशस और फ्रांस जैसे देशों में भी यूपीआई सेवाएं मौजूद हैं.
  • देश के डिजिटल पेमेंट का 83% हिस्सा सिर्फ यूपीआई से होता है.

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एनपीसीआई का बयान

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई पेमेंट में आई तकनीकी खराबी पर पर प्रतिक्रिया दी है.
NPCI ने कहा,

“यूपीआई सिस्टम में फिलहाल कुछ तकनीकी समस्याएं आ रही हैं, जिससे कुछ ट्रांजेक्शन करने में दिक्कतें आ रही हैं. हमारी टेक्निकल टीम इस पर काम कर रही है और जल्द ही सेवाएं सामान्य हो जाएंगी.हम इस असुविधा के लिए क्षमा चाहते हैं.”

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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