KKR की सफलता के पीछे शाहरुख का पैशन, करण जौहर ने बताया को-फाउंडर मॉडल

सेलिब्रिटी अब सिर्फ ब्रांड एंबेसडर नहीं, को-फाउंडर क्यों बन रहे हैं
Shah Rukh Khan KKR Valuation: करण जौहर ने उदाहरण दिया Shah Rukh Khan और उनकी आईपीएल टीम Kolkata Knight Riders का. उनका कहना है कि शाहरुख सिर्फ नाम नहीं जोड़ते, बल्कि टीम के साथ पूरी तरह जुड़े रहते हैं, रणनीति से लेकर प्रमोशन तक. इसी वजह से टीम की वैल्यू समय के साथ बढ़ी है.
Shah Rukh Khan KKR Valuation: आजकल कई कंज्यूमर ब्रांड्स सिर्फ विज्ञापन के लिए स्टार नहीं लेते, बल्कि उन्हें कंपनी में हिस्सेदारी देकर को-फाउंडर बना रहे हैं. लेकिन ऐसा हर मॉडल कामयाब नहीं होता. हाल ही में निवेश बैंकर सार्थक आहूजा से बातचीत में फिल्ममेकर Karan Johar ने खुलकर बताया कि सेलिब्रिटी इक्विटी डील कैसे बननी चाहिए और क्यों कई बार ये फेल हो जाती है.
इक्विटी उतनी ही, जितनी भागीदारी
करण जौहर ने उदाहरण दिया Shah Rukh Khan और उनकी आईपीएल टीम Kolkata Knight Riders का. उनका कहना है कि शाहरुख सिर्फ नाम नहीं जोड़ते, बल्कि टीम के साथ पूरी तरह जुड़े रहते हैं, रणनीति से लेकर प्रमोशन तक. इसी वजह से टीम की वैल्यू समय के साथ बढ़ी है. सीधी बात यह है कि अगर कोई सेलिब्रिटी सिर्फ चेहरा दे रहा है, तो उसे को-फाउंडर जैसी बड़ी हिस्सेदारी नहीं मिलनी चाहिए. लेकिन अगर वह समय, मेहनत और दिमाग लगा रहा है, तो इक्विटी जायज है और वह भी लंबे समय की शर्तों के साथ.
दिखावे से नहीं, असली जुड़ाव से बनता है ब्रांड
करण जौहर का मानना है कि आज का ग्राहक बहुत समझदार है. वह तुरंत पहचान लेता है कि स्टार सच में ब्रांड से जुड़ा है या सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट कर रहा है. उन्होंने Katrina Kaif के ब्रांड Kay Beauty और Alia Bhatt के ब्रांड Ed-a-Mamma का जिक्र करते हुए कहा कि ये दोनों अपने प्रोडक्ट और ब्रांडिंग में सक्रिय भूमिका निभाती हैं. उनका कहना है कि सिर्फ इंस्टाग्राम वीडियो या इवेंट में दिख जाना काफी नहीं है. असली सफलता तभी मिलती है जब सेलिब्रिटी ब्रांड के हर पहलू में दिलचस्पी ले.
कैश कम, लॉन्ग-टर्म फायदा ज्यादा
सेलिब्रिटी को हर साल मोटी फीस दी जाए या कंपनी की ग्रोथ से जुड़ा फायदा? इस पर भी चर्चा हुई. करण जौहर ने अपने ज्वेलरी ब्रांड Tyaani Jewellery का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि यह उनका पैशन प्रोजेक्ट है और वह इसे सिर्फ कमाई के लिए नहीं, बल्कि लगाव से चलाते हैं. उनका मानना है कि अगर स्टार को प्रोडक्ट पर भरोसा है, तो उसे छोटी अवधि की फीस से ज्यादा कंपनी की वैल्यू बढ़ने में दिलचस्पी होनी चाहिए.
डील साफ हो, जिम्मेदारी तय हो
किसी भी सेलिब्रिटी को-फाउंडर डील में कुछ बातें पहले से तय होनी चाहिए
- साल में कितने प्रमोशनल कैंपेन करेंगे
- प्रोडक्ट और ब्रांड स्ट्रैटेजी में कितना योगदान देंगे
- कितने इवेंट या लॉन्च में शामिल होंगे
- कंपनी में उनका समय और भूमिका क्या होगी
- बिना साफ शर्तों के सिर्फ “स्टार पावर” के भरोसे बिजनेस नहीं चलता.
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लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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