रुपया-डॉलर रेट को किसी दायरे में रखने की कोशिश नहीं करता आरबीआई: गवर्नर संजय मल्होत्रा

RBI Forex Policy
RBI Forex Policy: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक रुपया-डॉलर विनिमय दर को किसी तय स्तर या दायरे में रखने की कोशिश नहीं करता. RBI केवल अत्यधिक अस्थिरता की स्थिति में ही विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत का फॉरेक्स बाजार मजबूत है और विनिमय दर बाजार की ताकतें तय करती हैं.
RBI Forex Policy: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक रुपया-डॉलर विनिमय दर (USD-INR Exchange Rate) को किसी निश्चित स्तर या दायरे में रखने की कोशिश नहीं करता है. उन्होंने कहा कि RBI केवल तभी विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करता है, जब बाजार में अत्यधिक अस्थिरता हो. यह बयान उन्होंने अप्रैल 2025 की मौद्रिक नीति समीक्षा (Monetary Policy Review) के बाद संवाददाताओं से बातचीत में दिया.
बाजार तय करता है विनिमय दर
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा, “हम भारतीय रुपये को किसी भी स्तर या दायरे में रखने की कोशिश नहीं करते. हमारी मुद्रा प्रबंधन रणनीति का उद्देश्य स्थिरता बनाए रखना है, न कि विनिमय दर को नियंत्रित करना.” उन्होंने यह भी कहा कि भारत का विदेशी मुद्रा बाजार अब मजबूत और व्यापक है और बाजार की ताकतें यह तय करती हैं कि सही विनिमय दर क्या होनी चाहिए.
चीन और अमेरिका के टैरिफ विवाद पर प्रतिक्रिया
गवर्नर से चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते टैरिफ तनाव और उसके असर के बारे में भी सवाल किया गया. उन्होंने कहा कि भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्कों का प्रभाव अपेक्षाकृत कम है. हालांकि, उन्होंने माना कि वैश्विक शुल्कों का असर वृद्धि दर पर जरूर पड़ेगा. उन्होंने कहा, “हम कुछ अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं, हमारे पास तुलनात्मक लाभ है. लेकिन, शुल्कों का असर विकास पर जरूर होगा.”
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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