आखिरी एक घंटे में भारी बिकवाली से टूटा बाजार; सेंसेक्स 1,092 अंक तो निफ्टी 359 अंक नीचे गिरा

Published by : Abhishek Pandey Updated At : 29 May 2026 4:43 PM

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Stock Market : बाजार में कोहराम! आखिरी 1 घंटे में ताश के पत्तों की तरह ढहे सेंसेक्स और निफ्टी. कमजोर मानसून की भविष्यवाणी और वैश्विक तनाव के कारण निवेशकों के डूबे करोड़ों रुपये. जानिए गिरावट की 4 बड़ी वजहें.

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Stock Market : शुक्रवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद मायूस करने वाला रहा. दिन के शुरुआती हिस्से में मजबूती दिखाने के बाद, आखिरी एक घंटे के कारोबार में बाजार में अचानक भारी बिकवाली (Sell-off) आ गई.

कमजोर मानसून के अनुमान, एमएससीआई रीबैलेंसिंग (MSCI Rebalancing) और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली की, जिससे बाजार धड़ाम हो गया. कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 1,092 अंक (1.44%) टूटकर 74,775 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, NSE निफ्टी 50 भी 359 अंक (1.5%) की भारी गिरावट के साथ 23,547 पर आ गया.

आईटी (IT) को छोड़ हर सेक्टर में रही मंदी

शुक्रवार को बाजार में चौतरफा गिरावट का माहौल था. केवल आईटी सेक्टर ही अकेला ऐसा रहा जो 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहा.

  • सबसे ज्यादा पिटने वाले सेक्टर्स: ऑयल एंड गैस, मेटल और ऑटोमोबाइल स्टॉक्स में सबसे ज्यादा मार पड़ी और ये सभी करीब 2-2 प्रतिशत तक टूट गए.
  • मार्केट का हाल: निफ्टी 500 इंडेक्स के 500 शेयरों में से 364 शेयर लाल निशान (गिरावट) में बंद हुए, जो दिखाता है कि बाजार पर भालू (Bears) पूरी तरह हावी रहे.

बाजार के अचानक क्रैश होने की 4 बड़ी वजहें

केसी सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट महेश एम. ओझा के मुताबिक, बाजार में इस अचानक आई गिरावट के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही कारण जिम्मेदार हैं.

  • कमजोर मानसून का डर: मौसम विभाग (Met) ने इस साल 50 से 60 प्रतिशत तक कम मानसून रहने की भविष्यवाणी की है. खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह बेहद बुरी खबर है, जिसने निवेशकों को डरा दिया.
  • MSCI रीबैलेंसिंग का असर: बाजार के आखिरी आधे घंटे में एमएससीआई (MSCI) इंडेक्स की रीबैलेंसिंग का दबाव साफ देखने को मिला, जिससे बड़े फंड्स ने बिकवाली की.
  • अमेरिका-ईरान समझौते पर सस्पेंस: अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी नेता जे.डी. वेंस ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप अभी ईरान के साथ समझौते को मंजूरी देने के लिए तैयार नहीं हैं. इस कूटनीतिक अनिश्चितता ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया.
  • ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली: एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च हेड सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी लगातार तीसरे दिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकाम रहा. रोजाना के चार्ट पर यह अपने 50-दिन के ईएमए (EMA) से ऊपर बंद नहीं हो पा रहा है, जो दिखाता है कि निवेशक हर बढ़त पर मुनाफावसूली (Profit Booking) कर रहे हैं.

अमेरिका और एशिया में थी तेजी

हैरानी की बात यह है कि भारतीय बाजार में जहां इतनी बड़ी गिरावट आई, वहीं दुनिया के बाकी बाजारों में शानदार तेजी का माहौल था.

मार्केट क्षेत्रइंडेक्स का प्रदर्शनस्थिति
यूएस मार्केट (Wall Street)S&P 500 (+0.58%), नैस्डैक (+0.91%)टेक शेयरों में रैली के दम पर दोनों इंडेक्स ने नया ऑल-टाइम हाई बनाया.
जापान (Japan)निक्केई 225 (+2.53%)शानदार बढ़त के साथ 66,329.5 के स्तर पर बंद हुआ.
दक्षिण कोरिया (South Korea)कोस्पी (+3%)ईरान की चिंताओं को दरकिनार कर कोस्पी 3% से ज्यादा उछला.

कमोडिटी मार्केट (कच्चा तेल और सोना)

  • कच्चा तेल (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.58% की गिरावट के साथ 91.23 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. दिन के दौरान इसका दायरा 90.67 से 92.80 डॉलर के बीच रहा.
  • सोना (Gold): सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ी है. वैश्विक बाजार में सोना 0.77% की बढ़त के साथ 4,530.07 डॉलर पर पहुंच गया.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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