चिप के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहेगा भारत! ₹1.27 लाख करोड़ से शुरू हुआ Semicon 2.0

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अब चिप के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहेगा भारत! ₹1.27 लाख करोड़ से शुरू हुआ Semicon 2.0

Semicon 2.0: आज के समय में मोबाइल फोन, लैपटॉप, कार, स्मार्ट टीवी से लेकर डिफेंस उपकरणों तक हर जगह सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल होता है. लेकिन इन चिप्स के लिए भारत को अभी काफी हद तक दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है. अब इस निर्भरता को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने कदम उठाया है.

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Semicon 2.0: सरकार ने Semicon 2.0 योजना को मंजूरी दे दी है. इसके तहत अगले 6 साल में ₹1.27 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे. इस योजना का मकसद भारत में चिप बनाने से जुड़ा पूरा सिस्टम तैयार करना है, ताकि देश सिर्फ चिप खरीदने वाला नहीं बल्कि बनाने वाला देश भी बने.

Semicon 2.0 में सरकार किस पर देगी जोर?

नई योजना में सिर्फ चिप फैक्ट्री लगाने पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि चिप बनाने के लिए जरूरी पूरी सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा. इसमें उन कंपनियों को भी मदद दी जाएगी, जो सेमीकंडक्टर बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन, गैस, केमिकल और जरूरी सामग्री तैयार करती हैं.

सरकार ने Semicon 2.0 को 6 बड़े हिस्सों में बांटा है:

  • चिप डिजाइन: भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को नए चिप और सिस्टम डिजाइन करने में मदद दी जाएगी.
  • मशीन और मटेरियल: सेमीकंडक्टर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों, गैस और केमिकल बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा.
  • नई फैब यूनिट: सिलिकॉन फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब और डिस्प्ले फैब लगाने पर जोर होगा.
  • ATMP/OSAT यूनिट: चिप पैकेजिंग और टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाया जाएगा.
  • रिसर्च और डेवलपमेंट: एडवांस तकनीक वाली चिप तैयार करने पर काम होगा.
  • टैलेंट डेवलपमेंट: छात्रों और युवाओं को चिप डिजाइन और निर्माण की ट्रेनिंग दी जाएगी.

सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक भारत घरेलू जरूरतों के लिए 70-75% तक चिप डिजाइन और निर्माण की क्षमता हासिल कर ले. वहीं 2035 तक भारत दुनिया के टॉप सेमीकंडक्टर देशों में शामिल होना चाहता है.

पहली सेमीकंडक्टर योजना से क्या बदला है?

भारत ने साल 2021 में India Semiconductor Mission (ISM 1.0) शुरू किया था. इसका मकसद देश में चिप निर्माण की शुरुआत करना था. इसके तहत अब तक 12 सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें करीब ₹1.64 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित है. ISM 1.0 के तहत सरकार ने चिप फैब और पैकेजिंग यूनिट के लिए 50% तक कैपिटल सब्सिडी दी थी. लेकिन Semicon 2.0 में सब्सिडी के नियम बदले गए हैं.

यूनिटISM 1.0Semicon 2.0
सिलिकॉन फैब50% सब्सिडी40% सब्सिडी
अन्य फैब50% सब्सिडी35% सब्सिडी
एडवांस पैकेजिंग50% सब्सिडी35% सब्सिडी
सामान्य पैकेजिंग50% सब्सिडी25% सब्सिडी

भारत में कहां बन रहे हैं चिप प्लांट?

ISM 1.0 के तहत देश के कई राज्यों में सेमीकंडक्टर यूनिट तैयार की जा रही हैं.

कंपनीजगहप्रोजेक्ट की जानकारी
Tata Electronicsधोलेरा, गुजरात₹91,000 करोड़ की पहली कमर्शियल चिप फैब यूनिट, PSMC के साथ साझेदारी
Micron Technologyगुजरातभारत का पहला मंजूर प्रोजेक्ट, फरवरी से उत्पादन शुरू
Tata Electronicsजगिरोड, असम₹27,000 करोड़ से ज्यादा निवेश, रोजाना 4.8 करोड़ चिप बनाने की क्षमता
HCL-Foxconnजेवर, उत्तर प्रदेश₹3,700 करोड़ की OSAT यूनिट, 2028 तक शुरू होने की उम्मीद
Kaynes Semiconसाणंद, गुजरातEV और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए चिप, मार्च से उत्पादन शुरू
CG Semiसाणंद, गुजरातRenesas और Stars Microelectronics के साथ OSAT यूनिट
SiCSemओडिशासिलिकॉन कार्बाइड आधारित चिप बनाएगी
3D Glass Solutionsओडिशाभारत की पहली एडवांस 3D चिप पैकेजिंग यूनिट
Advanced System in Package Technologiesआंध्र प्रदेशसालाना 9.6 करोड़ यूनिट क्षमता वाली यूनिट
Continental Deviceपंजाबहाई पावर सेमीकंडक्टर डिवाइस का निर्माण
Crystal MatrixगुजरातGaN आधारित डिस्प्ले चिप यूनिट
Suchi Semiconगुजरात₹868 करोड़ की OSAT यूनिट

भारत के लिए चिप बनाना इतना जरूरी क्यों है?

सेमीकंडक्टर को आज की डिजिटल दुनिया की रीढ़ माना जाता है. यह छोटी सी चिप मोबाइल फोन, कार, एआई डिवाइस, टेलीकॉम नेटवर्क, एयरोस्पेस और डिफेंस सिस्टम तक में इस्तेमाल होती है. दुनिया में चिप सप्लाई को लेकर बढ़ते तनाव के बीच भारत अपनी सप्लाई चेन मजबूत करना चाहता है. Semicon 2.0 के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि भारत सिर्फ चिप की असेंबली तक सीमित न रहे, बल्कि चिप डिजाइन, रिसर्च, निर्माण और सप्लाई चेन में अपनी मजबूत जगह बनाए. इसके अलावा ISM 1.0 के तहत अब तक 24 सेमीकंडक्टर डिजाइन प्रोजेक्ट को आर्थिक मदद मिली है और 105 स्टार्टअप व MSME को इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड EDA टूल्स की सुविधा दी गई है. इन कंपनियों में सैटेलाइट कम्युनिकेशन, ड्रोन, AI सिस्टम, IoT डिवाइस और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों के लिए चिप डिजाइन पर काम चल रहा है.

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सौम्या शाहदेव

लेखक के बारे में

By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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