बिरयानी के नाम पर 7,00,00,00,00,000 रुपये की टैक्स चोरी, सामने आया ‘बिरयानी टैक्स स्कैम’

बिरयानी की प्लेट से निकला 70,000 करोड़ का घोटाला
Biryani Tax Scam: हैदराबाद से शुरू हुआ ₹70,000 करोड़ का 'बिरयानी टैक्स स्कैम' अब पूरे देश में फैल गया है. रेस्टोरेंट्स ने खास सॉफ्टवेयर के जरिए 27% बिक्री का डेटा मिटाकर भारी टैक्स चोरी की. हालांकि, इनकम टैक्स विभाग ने AI और बिग डेटा की मदद से इस महा-घोटाले का पर्दाफाश कर दिया है.
Biryani Tax Scam: सोचिए, आप अपनी पसंदीदा हैदराबादी बिरयानी का लुत्फ उठा रहे हैं, लेकिन उसी वक्त पर्दे के पीछे भारत के इतिहास की सबसे बड़ी टैक्स चोरी की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है. हैदराबाद की गलियों से शुरू हुआ यह खेल सिर्फ मसालों का नहीं, बल्कि ₹70,000 करोड़ के काले खेल का है.
इसे ‘बिरयानी टैक्स स्कैम’ कहा जा रहा है, जहां रेस्टोरेंट्स ने आपके द्वारा दिए गए बिल को एक जादुई सॉफ्टवेयर के जरिए हवा में गायब कर दिया. यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि एक ऐसा शातिर सिस्टम था जिसने भारत के खजाने को अरबों का चूना लगाया. लेकिन कहते हैं न कि ‘चोर कितना भी शातिर हो, सुराग छोड़ ही देता है’. इस बार पुलिस के हाथ लगा है Artificial Intelligence (AI) का ब्रह्मास्त्र, जिसने बिरयानी की हांडी में छिपे इस करोड़ों के सच को बाहर निकाल फेंका है.
वो ‘जादुई’ सॉफ्टवेयर जिसने डेटा मिटाया
बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार जांच में पता चला कि देश के करीब 10% रेस्टोरेंट्स एक ऐसा बिलिंग सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर रहे थे, जिसमें एक ‘डिलीट’ बटन पूरी की पूरी सेल हिस्ट्री को मिटा देता था. ग्राहकों से कैश लिया गया, बिरयानी परोसी गई, लेकिन सरकारी कागजों में वह ट्रांजैक्शन कभी हुआ ही नहीं! अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 27% बिक्री को इसी तरह सिस्टम से गायब कर दिया गया.
AI ने कैसे बिगाड़ा ‘बिरयानी चोरों’ का जायका ?
इंसानी नजरों से बचना आसान था, लेकिन AI की ‘तीसरी आंख’ से नहीं. इनकम टैक्स विभाग ने 60 टेराबाइट डेटा को खंगालने के लिए Generative AI का इस्तेमाल किया. AI ने हिसाब लगाया कि अगर एक रेस्टोरेंट ने 1000 किलो चावल और 500 किलो मांस खरीदा है, तो उससे कितनी प्लेट बिरयानी बनी होगी. जब इस हिसाब को उनके द्वारा दिखाए गए ‘कम बिलों’ से मिलाया गया, तो करोड़ों की हेराफेरी सामने आ गई.
कहां हुई कितनी चोरी ?
यह स्कैम सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं था. AI की मैपिंग ने बताया कि
- कर्नाटक: करीब ₹2,000 करोड़ की सेल डिलीट की गई.
- तेलंगाना: ₹1,500 करोड़ का रिकॉर्ड गायब.
- तमिलनाडु: ₹1,200 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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