8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹68,940 तक पहुंच सकती है
Published by : Abhishek Pandey Updated At : 09 Jun 2026 6:12 PM
सांकेतिक तस्वीर (फोटो/Canva)
8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.83 हुआ, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹68,940 हो सकती है. देखें अलग-अलग अनुमानों का पूरा गणित.
8th Pay Commission : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं एक बार फिर बहुत तेज हो गई हैं. विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से नए वेतन ढांचे में ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) को बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है.
अगर सरकार कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग को स्वीकार कर लेती है और अधिकतम प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 3.83 को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) मौजूदा ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹68,940 तक पहुंच सकता है.
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर ?
फिटमेंट फैक्टर एक तरह का गणितीय गुणक (Multiplier) होता है. इसी के आधार पर कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी और पेंशन को नए सैलरी स्ट्रक्चर (वेतनमान) में बदला जाता है. सरल भाषा में कहें तो नया वेतन आयोग लागू होने पर आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह पूरी तरह इसी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है. पिछले वेतन आयोग (7th Pay Commission) में सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था. इसके कारण कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी.
8वें वेतन आयोग के लिए अलग-अलग संगठनों की मांग
देश के अलग-अलग कर्मचारी यूनियनों और एक्सपर्ट्स ने अपनी-अपनी तरफ से फिटमेंट फैक्टर के सुझाव दिए हैं.
- एक्सपर्ट्स का अनुमान: 1.92
- ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC): 3.00
- फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO): 3.25
- नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM): 3.83 (सबसे बड़ी मांग)
फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से कितनी बढ़ सकती है सैलरी ?
अगर मौजूदा न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) ₹18,000 को बेस माना जाए, तो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर न्यूनतम सैलरी का गणित कुछ ऐसा दिखेगा.
| स्तावित फिटमेंट फैक्टर | संभावित न्यूनतम बेसिक सैलरी (प्रति महीना) |
| 1.92 (एक्सपर्ट्स का अनुमान) | ₹34,560 |
| 2.57 (7वें वेतन आयोग जैसा ही रहा तो) | ₹46,260 |
| 2.86 (J&K कर्मचारी समिति का निचला स्तर) | ₹51,480 |
| 3.00 (AITUC की मांग) | ₹54,000 |
| 3.25 (FNPO की मांग) | ₹58,500 |
| 3.68 (J&K कर्मचारी समिति का ऊपरी स्तर) | ₹66,240 |
| 3.83 (NC-JCM की मांग) | ₹68,940 (करीब 283% की बंपर वृद्धि) |
सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, भत्ते भी होंगे डबल!
फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का फायदा सिर्फ मूल वेतन (Basic Pay) तक सीमित नहीं रहता. जब बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो उसके साथ जुड़े अन्य भत्तों का ग्राफ भी ऊपर जाता है.
- HRA में बढ़ोतरी: हाउस रेंट अलाउंस (HRA) सीधे बेसिक सैलरी के प्रतिशत पर तय होता है, इसलिए इसमें बड़ा उछाल आएगा.
- DA का मर्जर: नया वेतन आयोग लागू होते ही मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) मूल वेतन में जोड़ दिया (समाहित कर दिया) जाएगा. इसके बाद नए सैलरी स्ट्रक्चर के आधार पर डीए की गणना शून्य (0) से दोबारा शुरू होगी.
- ट्रैवल अलाउंस: ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) और अन्य दूसरे भत्तों की भी नए सिरे से समीक्षा की जाएगी.
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अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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