प्लास्टिक नोट वाली खबर निकली बिल्कुल फेक, सोशल मीडिया के इस नए झोल पर आया PIB का जवाब
Published by : Soumya Shahdeo Updated At : 10 Jun 2026 9:45 AM
Plastic Currency Notes (Photo: AI)
Plastic Currency Notes: पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया पर वायरल प्लास्टिक नोटों के दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए साफ किया है कि वर्तमान में चल रहे सभी कागजी नोट वैध रहेंगे.
Plastic Currency Notes: पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक खबर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वायरल खबर में दावा किया जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इस महीने के अंत तक यानी 30 जून 2026 तक सभी कागजी नोटों को चलन से बाहर कर देगा और उनकी जगह प्लास्टिक के नए नोट ले आएगा. अब इस पूरे मामले पर भारत सरकार ने खुद सामने आकर स्थिति साफ कर दी है.
क्या सच में प्लास्टिक के नोट आने वाले हैं?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि 30 जून 2026 तक कागज के नोट बंद करने और उनकी जगह सिंथेटिक (प्लास्टिक) ऑप्शन लाने का दावा पूरी तरह फर्जी (Fake) है. आरबीआई की ऐसी कोई योजना नहीं है और वर्तमान में चल रहे सभी कागजी नोट पूरी तरह से वैध रहेंगे.
यहां देखें इस खबर से जुड़ी PIB की ऑफिशियल एक्स पोस्ट:
Several social media posts are falsely claiming that RBI will withdraw paper currency notes and replace them with plastic currency notes from June 30, 2026.#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 9, 2026
❌ This claim is #Fake
✅ According to @RBI, there are no plans to withdraw paper currency notes or… pic.twitter.com/dhZqANjip9
सरकार और आरबीआई का इस पर क्या कहना है?
- कोई नया निर्देश नहीं: केंद्रीय बैंक (RBI) की तरफ से नोट बदलने या वापस लेने का ऐसा कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है.
- मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी: बैंकिंग रेगुलेटर अपनी मौजूदा करेंसी व्यवस्था को ही बनाए रखेगा, यानी जो नोट आपकी जेब में हैं वे आगे भी लीगल टेंडर बने रहेंगे.
- अफवाहों से बचने की सलाह: सरकार ने साफ किया है कि इस तरह की खबरें सिर्फ भ्रम और घबराहट पैदा करने के लिए फैलाई जाती हैं, इसलिए जनता को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.
सोशल मीडिया की इस अफवाह से क्या नुकसान हो सकता है?
पैसों से जुड़ी ऐसी संवेदनशील खबरें जब बिना जांचे-परखे शेयर की जाती हैं, तो बाजार में अचानक डर का माहौल बन जाता है. आम नागरिक और छोटे व्यापारी असमंजस में पड़ जाते हैं, जिससे रोजमर्रा के कारोबार पर बुरा असर पड़ता है. इसीलिए अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी मैसेज को आगे फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सच्चाई जान लेना बेहद जरूरी है.
सही और सटीक जानकारी कहां मिलेगी?
पीआईबी फैक्ट चेक ने लोगों से अपील की है कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चल रही किसी भी बात पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. अगर आपको करेंसी या बैंकिंग से जुड़ी कोई भी जानकारी चाहिए, तो हमेशा रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in पर जाकर ही चेक करें. किसी भी पब्लिक एडवाइजरी को शेयर करने से पहले उसे सरकारी और प्रामाणिक स्रोतों से क्रॉस-वेरिफाई जरूर कर लें.
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By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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