Coronavirus crisis से निपटने के लिए बैंक ऑफ इंग्लैंड ने रेपो रेट में की 0.25 फीसदी कटौती

Coronavirus crisis से निपटने के लिए ब्रिटेन की बैंक ऑफ इंग्लैंड ने repo rates में 0.25 फीसदी कटौती करने का ऐलान किया है. इससे ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को कोरोनावायरस के संक्रमण से उपजे संकट से निपटने में मदद मिल सकती है.
लंदन : बैंक ऑफ इंग्लैंड ने बुधवार को अपनी मुख्य नीतिगत दर को 0.5 फीसदी कम कर 0.25 फीसदी कर दिया. कोरोना वायरस के प्रभाव से निपटने के उपाय के तहत यह कदम उठाया गया है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस कठिन समय में इस कदम से कंपनियों को सहायता तथा ग्राहकों में भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी. ब्रिटिश अर्थव्यवस्था पर नये कोरोना वायरस का प्रभाव बड़ा हो सकता है. ऐसी आशंका है कि आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियां उल्लेखनीय रूप से कमजोर पड़ सकती हैं.
बैंक ने बयान में कहा कि नीतिगत दर में कटौती कोरोना वायरस से प्रभावित क्षेत्रों में उत्पन्न आर्थिक समस्याओं को देखते हुए ब्रिटिश कंपनियों और परिवारों को मदद करने के उपायों का हिस्सा है. बयान के अनुसार, इन उपायों से कंपनियों के कारोबार और लोगों के रोजगार में बने रहने में मदद मिलेगी. साथ ही, इससे एक अस्थायी बाधाओं से पार पाने में सहायता मिलेगी.
बता दें कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस के 373 मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि छह लोगों की मौत हुई है. ब्रिटेन की सरकार अर्थव्यवस्था को मदद देने के इरादे से बजट में और उपायों की घोषणा कर सकती है. बजट बुधवार को आएगा.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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