खाद्य नियामक ने मैगी के 9 उत्पादों को हटाने का दिया आदेश, रिलायंस ने भी स्टोर से मैगी हटाया
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Jun 2015 2:17 PM
।। अमलेश नंदन ।। नेस्ले की मैगी पर शिकंजा कसता जा रहा है. कई राज्यों में इसके प्रतिबंध लगाने के बाद आज रिलायंस ने अपने स्टोर से विभिन्न ब्रांडों के 11 तरह के नूडल्स को हटा दिया है. रिलायंस ने 200 शहरों में 2,621 स्टोरों से नूडल्स को हटाया है. इसके पहले पिछले पखवाड़े से […]
।। अमलेश नंदन ।।
नेस्ले की मैगी पर शिकंजा कसता जा रहा है. कई राज्यों में इसके प्रतिबंध लगाने के बाद आज रिलायंस ने अपने स्टोर से विभिन्न ब्रांडों के 11 तरह के नूडल्स को हटा दिया है. रिलायंस ने 200 शहरों में 2,621 स्टोरों से नूडल्स को हटाया है.
इसके पहले पिछले पखवाड़े से चल रहे मैगी विवाद में आखिरकार केंद्र का हस्तक्षेप हो ही गया. केंद्रीय खाद्य सुरक्षा नियामक (एफएसएसएआइ) ने बाजार से मैगी ब्रांड के नौ तरह के इंस्टैंट नूडल वापस लेने का आदेश दिया है. एफएसएसएआइ ने मैगी ब्रांड के नौ तरह के नूडल को खाने के लिए असुरक्षित और खतरनाक पाया और नेस्ले से कहा कि वह तुरंत प्रभाव से इनका उत्पादन, आयात और बिक्री रोक दे.
एफएसएसएआइ ने कहा कि नेस्ले ने उत्पाद मंजूरी लिये बगैर और बिना जोखिम एवं सुरक्षा आकलन के ही ‘मैगी ओट्स मसाला नूडल्स’ पेश किया है. उत्पाद को वापस लेने का निर्देश दिया गया है. एफएसएसएआइ ने कहा कि नेस्ले ने स्वाद बढाने वाले तत्व ‘एमएसजी’ पर लेबलिंग नियमन का उल्लंघन किया है. कंपनी से कहा गया है कि आदेश पर तीन दिन के भीतर अनुपालन रपट सौंपे.
उधर नेस्ले इंडिया ने गुरुवार देर रात मैगी के सभी स्टॉक को बाजार से हटाने का फैसला कर लिया है. कंपनी ने कहा कि वह अभी ग्राहकों में पैदा हुई भ्रम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने उत्पाद मैगी टू मिनट नूडल्स को बाजार से हटा रही है. जल्द ही बेहतरीन उत्पाद के साथ बाजार में वापसी करेंगे.
आज पत्रकारों से संबोधित करते हुए नेस्ले इंडिया के ग्लोबल सीइओ पॉल बुल्के ने विश्वास दिलाया है कि वे जल्द ही सभी विवादों को समाप्त कर लेंगे और बेहतरीन उत्पाद के साथ बाजार में वापसी करेंगे. पॉल ने कहा कि उनकी कंपनी अपने किसी भी उत्पाद में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) नहीं मिलाती है, बल्कि प्राकृतिक घटकों में पहले से ही एमएसजी की कुछ मात्रा होती है.
क्या कहना है नेस्ले इंडिया का
नेस्ले इंडिया के ग्लोबल सीइओ पॉल बुल्के ने कहा कि मैगी खाने के लिए सुरक्षित है, यह उत्पाद विश्व के कई देशों में वहां के गुणवत्ता मानक को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है. उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमारे किसी भी प्रोडक्ट में एमएसजी (मोनोसोडियम ग्लूटामेट) नहीं मिलाया जाता है. हम अपने उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए इस घटना में स्थिति को स्पष्ट करने के लिए अधिकारियों का साथ देंगे.
उन्होंने कहा कि हमारे उत्पाद पूरे विश्व में गुणवत्ता के एक ही मापदंड को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है. हमारे उत्पाद जिन चिजों से तैयार किये जाते हैं उनमें प्राकृतिक घटक के रूप में एमसीजी मौजूद हो सकता है. पॉल ने कहा कि हमारे उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा आला दर्जे का हो यह हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि हम जल्द से जल्द बाजार में वापसी करेंगे. हमें अभी तक कोई भी ऐसी टेस्ट रिपोर्ट नहीं दिखाई गयी है जो किसी तीसरे पार्टी की ओर से की गयी हो.
नेस्ले के इंडिया सीइओ, संजय खजुरिया ने कहा कि हम नियामकों से बात करने का प्रयास कर रहे हैं कि उन्होंने किस प्रकार का टेस्ट किया है और क्या हमें उसकी रिपार्ट मिल सकती है. हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि हमारे प्रयोगशालाओं और दूसरे प्रयोगशालाओं के रिपोर्ट अलग-अलग क्यों हैं. उन्होंने कहा कि हमने अपने प्रयोगशालाओं में मैगी के 1000 नमूनों को टेस्ट किया है, लेकिन उनमें से किसी में भी हानिकारक तत्व नहीं मिले हैं.
क्या है पूरा मामला
सबसे पहले उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मैगी को लेकर खबर आई थी कि मैगी में एमएसजी, लेट की मात्रा स्थापित मानकों से कई गुणा अधिक है. उसके बाद केरल सरकार ने मैगी को टेस्ट मे फेल कर दिया और अपने स्टेट में बैन भी कर दिया. बाद में दिल्ली, महाराष्ट्र, तमीलनाडु, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और गुजरात ने अपने राज्यों में टेस्ट के राज्य में मैगी की बिक्री पर अस्थाई रोक लगा दी. आज की रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश और बिहार में भी मैगी की बिक्री पर रोक लगा दी गयी.
इससे पूर्व सेना में मैगी की बिक्री पर पूर्णत: रोक लगा दी गयी है. झारखंड में मैगी के दस से अधिक नमूनों को टेस्ट के लिए कोलकाता भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार इसपर कदम उठायेगी. तमिलनाडु और उत्तराखंड सरकार ने नेस्ले के फटाफट नूडल्स की बिक्री पर तीन महीने की रोक लगायी है जबकि गुजरात में इसके कुछ नमूनों के जांच में खराब पाये जाने के बाद एक महीने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है.
जम्मू कश्मीर में राज्य सरकार ने मैगी को खाने के लिहाज से सुरक्षित पाये जाने संबंधी रिपोर्ट मिलने तक एक महीने के लिए इसकी बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है. दिल्ली ने बुधवार को 15 दिन के लिए मैगी की बिक्री पर रोक लगाने का ऐलान किया गया था. मैगी के अलावा गुजरात सरकार ने सनफीस्ट तथा एस के फूड्स के फटाफट नूडल्स के एक-एक नमूने की भी जांच करायी और उसमें सीसा की मात्रा 4 पीपीएम पाये जाने के बाद एस के फूड्स के नूडल्स पर एक महीने के लिए रोक लगा दी.
फिल्मी सितारे भी आये लपेटे में
मैगी मामले में जहां एक और एक के बाद एक राज्य सरकारें उसपर प्रतिबंध लगा रहे हैं वहीं उसके विज्ञापन में नजर आने वाले स्टारों की मुसीबतें भी कम नहीं हो रही है. तमिलनाडु ने मैगी मामले में अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा को नोटिस भेजा है. तमिलनाडु स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमिशन (टीएनएससीडीआरसी), मदुरई बेंच ने अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित, प्रीति जिंटा, नेस्ले के चेयरमेन सहित सात लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया है.
इसमें चेन्नई के खाद्य सुरक्षा आयुक्त भी शामिल हैं. बेंच ने स्वास्थ्य सेवा से संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि अलग-अलग दुकानों से मैगी के सैंपल लिये जाएं और उसकी उचित प्रयोगशालाओं में जांच की जायें. इस बीच तमिलनाडु सरकार ने आज मैगी पर तीन महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज किया था साथ ही इसके विज्ञापन में नजर आने वाले सितारे अमिताभ बच्च्न, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की थी.
मैगी विवाद से नेस्ले का शेयर 10 फीसदी से अधिक टूटा
लोकप्रिय मैगी नूडल्स ब्रांड के सुरक्षा मानकों पर चिंता गहराने के बीच नेस्ले इंडिया का शेयर पिछले कुछ दिनों में 10 प्रतिशत से अधिक टूट गया है. इससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण 5,942 करोड रुपये घट गया. बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर एक समय कारोबार के दौरान टूटकर 6,000 रुपये पर आ गया था. अंत में यह 9.05 प्रतिशत के नुकसान से 6,191.10 रुपये पर बंद हुआ. नेशनल स्टाक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 9 प्रतिशत टूटकर 6,186.95 रुपये पर आ गया. इस दौरान कंपनी का बाजार पूंजीकरण 5,942 करोड रुपये घटकर 59,691.93 करोड रुपये रह गया.
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