''Jio के ब्रॉडबैंड प्लान से DTH कंपनियों के बज सकते हैं बैंड''

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली : रिलायंस जियो के कई सारी सुविधाओं वाले ब्रॉडबैंड प्लान से डीटीएच (डायरेक्ट टू होम) कंपनियों पर ‘सबसे अधिक खतरा' मंडरा सकता है. बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) ने मंगलवार को जारी अपनी एक रिपोर्ट में इस प्रकार की आशंका जतायी है. रिपोर्ट के अनुसार, इसका कुछ नुकसान भारती एयरटेल को होने की संभावना है, क्योंकि जियो कॉरपोरेट और घरों में उपलब्ध कराये जाने वाले इंटरनेट सेवा क्षेत्र में उतरने से इसमें प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.

रिलायंस ने सोमवार को ‘जियो गीगा फाइबर' शुरू करने की घोषणा की. इसके तहत कंपनी न्यूनतम 100 एमबीपीएस की स्पीड के साथ इंटरनेट प्लान की पेशकश कर रही है. इन प्लानों की कीमत 700 रुपये मासिक से शुरू होगी. इसी के साथ कंपनी खरीदारी, शिक्षा, गेमिंग और मुफ्त वॉयस कॉलिंग इत्यादि कई अन्य सुविधाएं भी दे रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस के ब्रॉडबैंड और केबल सेवा को मिलाकर सेवा देने से सबसे बड़ा संकट डीटीएच कंपनियों पर है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका प्रत्यक्ष प्रभाव प्रसारकों पर नहीं पड़ेगा, लेकिन अप्रत्यक्ष प्रभाव उनके उपयोक्ता राजस्व पर पड़ेगा। यदि अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स से प्रतिस्पर्धा करने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले कटेंट के निर्माण पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है और विज्ञापनदाताओं का खर्च ऑनलाइन कंटेट पर बढ़ता है, तो दीर्घावधि में यह विज्ञापन व्यय को प्रभावित करेगा.

रिपोर्ट में भारती एयरटेल के ब्रॉडबैंड कारोबार की कमाई पर पड़ने वाले नुकसान का आकलन नहीं किया गया है. हालांकि, इतना कहा गया है कि इसका असर सीमित ही रहेगा, क्योंकि फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की पहुंच आठ फीसदी से भी नीचे तक बनी हुई है. ऐसे में बड़े स्तर पर नए ग्राहकों को जोड़ने का मौका जियो के पास होगा. इस मामले में भारती एयरटेल को भेजे गये ई-मेल का कोई जवाब नहीं मिला है.

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