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दुनिया में छिड़ा युद्ध, तो चीन ने जमा किया सोना ! जानिए क्यों बढ़ रही है गोल्ड की भूख ?

Updated at : 07 Mar 2026 6:14 PM (IST)
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PBOC Gold Reserves

PBOC Gold Reserves : मिडिल ईस्ट में तनाव और डॉलर पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत चीन के केंद्रीय बैंक ने लगातार 16वें महीने सोना खरीदा है. विशेषज्ञों के अनुसार, $5,000 के पार पहुंची सोने की कीमतें और ग्लोबल अस्थिरता के कारण 2026 तक गोल्ड रिजर्व बढ़ाने का यह ट्रेंड जारी रहेगा.

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PBOC Gold Reserves : दुनियाभर में मची उथल-पुथल के बीच चीन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे ‘सोने’ (Gold) पर सबसे ज्यादा भरोसा है. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने फरवरी के महीने में भी अपनी सोने की खरीदारी जारी रखी. यह लगातार 16वां महीना है जब चीन ने अपने भंडार में सोना जोड़ा है.

क्यों बढ़ रही है सोने की भूख ?

bloomberg के एक रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव ने निवेशकों को डरा दिया है. जब भी दुनिया में युद्ध जैसे हालात बनते हैं या शेयर बाजार में अनिश्चितता आती है, तो लोग अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए सोने की तरफ भागते हैं. इसी ‘सेफ-हेवन’ (Safe-haven) डिमांड की वजह से सोने की कीमतों में तगड़ा उछाल देखने को मिल रहा है.

रिकॉर्ड स्तर पर कीमतें

  • चीन की खरीदारी: फरवरी में PBOC ने 30,000 ट्रॉय औंस सोना खरीदा, जिससे उनका कुल रिजर्व अब 74.22 मिलियन औंस हो गया है.
  • कीमतों में उछाल: ग्लोबल मार्केट में सोने (Spot Gold) की कीमत करीब 1.85% बढ़कर $5,171.12 प्रति औंस के स्तर पर पहुँच गई है.
  • डॉलर से दूरी: चीन का यह कदम सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने (De-dollarization) की एक सोची-समझी रणनीति है.

युद्ध और तनाव का बाजार पर असर

हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया है. इस भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव के कारण निवेशकों ने जोखिम भरे शेयरों से पैसा निकालकर सोने और बॉन्ड्स में लगाना शुरू कर दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही जनवरी में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी थोड़ी धीमी रही हो, लेकिन मौजूदा “ऑयल शॉक” और अस्थिरता को देखते हुए 2026 तक सोने की मांग हाई रहने वाली है.

दुनियाभर के देशों में अलग-अलग रुख

दिलचस्प बात यह है कि जहां चीन और पूर्वी यूरोपीय देश सोना जमा कर रहे हैं, वहीं कुछ देश इसे बेच भी रहे हैं.

  • चीन और पोलैंड: ये देश अपनी सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सोना खरीद रहे हैं.
  • रूस और वेनेजुएला: आर्थिक प्रतिबंधों और नकदी की कमी (Liquidity) के चलते ये देश अपना सोना बाजार में बेच रहे हैं ताकि देश का खर्च चला सकें.

क्या और महंगा होगा सोना ?

जे.पी. मॉर्गन इनवेस्टमेंट कंपनी के एक्सकपर्ट का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की औसत कीमत $5,055 के आसपास रहेगी. अगर दुनिया में तनाव इसी तरह जारी रहा, तो सोने की कीमतों को नीचे गिराना मुश्किल होगा. आम निवेशकों के लिए भी यह एक संकेत है कि बड़े खिलाड़ी अभी भी सोने को ही सबसे सुरक्षित मान रहे हैं.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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