बंगाल में मानसून की विषम चाल : उत्तर बंगाल और तटीय जिलों में झमाझम बारिश, 7 जिलों पर सूखे का संकट, जानें जिलेवार आंकड़े

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बंगाल में उफनायी एक नयी.

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West Bengal Monsoon Rain Report: पश्चिम बंगाल में 1 जून से 13 जुलाई तक औसत से 1 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों और तटीय जिलों में झमाझम बारिश हुई है. 7 जिले सूखे की चपेट में हैं. पढ़ें जिलेवार आंकड़े.

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West Bengal Monsoon Rain Report: पश्चिम बंगाल में अब तक 461.4 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो लंबी अवधि के औसत से केवल 1 प्रतिशत कम है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र कोलकाता ने सोमवार को यह जानकारी दी.

7 जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा

मौसम विभाग ने 1 जून 2026 से 13 जुलाई 2026 तक के पश्चिम बंगाल के जिलावार मौसमी वर्षा के आंकड़े जारी किये हैं. यह बताता है कि राज्य में सामान्य वर्षा हुई है. बावजूद इसके, जिला स्तर पर मानसून का वितरण काफी असमान रहा. तटीय जिलों और उत्तरी पहाड़ों में जमकर वर्षा हुई. राज्य के 7 जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा के कारण खेती पर असर पड़ता दिख रहा है.

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इन जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा

पश्चिम बंगाल के तटीय और उससे सटे मैदानी जिलों में मानसूनी हवाओं की बदौलत औसत से अधिक वर्षा हुई है. यहां सामान्य से 20 से 59 फीसदी तक अधिक वर्षा हुई है. जिलावार आंकड़ा यहां देखें.

इन 3 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा

  1. पश्चिम मेदिनीपुर में 473.0 मिमी (+26 प्रतिशत)
  2. हावड़ा में 461.2 मिमी (+24 प्रतिशत)
  3. उत्तर 24 परगना में 489.7 मिमी (+23 प्रतिशत)

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इन जिलों में हुई सामान्य वर्षा

राज्य के अधिकांश शहरी और उत्तरी जिलों में मानसून की सामान्य प्रगति बनी हुई है. इन जिलों में कहीं सामान्य से 19 फीसदी कम वर्षा हुई है, तो कहीं सामान्य से 19 फीसदी अधिक. जिलावार आंकड़े यहां देखें.

  1. अलीपुरदुआर में 1335.6 मिलीमीटर (+9 प्रतिशत)
  2. जलपाईगुड़ी में 1139.9 मिलीमीटर (-2 प्रतिशत)
  3. दार्जिलिंग में 1129.6 मिलीमीटर (+8 प्रतिशत)
  4. कूचबिहार में 1044.8 मिलीमीटर (+11 प्रतिशत)
  5. कलिम्पोंग में 789.5 मिलीमीटर (-10 प्रतिशत)
  6. कोलकाता में 493.2 मिलीमीटर (+11 प्रतिशत)
  7. हुगली में 418.4 मिलीमीटर (+14 प्रतिशत)
  8. दक्षिण 24 परगना में 417.8 मिलीमीटर (-10 प्रतिशत)
  9. पूर्व मेदिनीपुर में 409.3 मिलीमीटर (+2 प्रतिशत)
  10. पूर्व बर्धमान में 379.2 मिलीमीटर (+9 प्रतिशत)
  11. दक्षिण दिनाजपुर में 350.0 मिलीमीटर (-11 प्रतिशत)
  12. बांकुड़ा में 337.1 मिलीमीटर (-12 प्रतिशत)
  13. नदिया में 293.3 मिलीमीटर (-14 प्रतिशत)

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कम वर्षा वाले बंगाल के 7 जिले

पश्चिम बंगाल के 7 जिलों में वर्षा की भारी कमी रही. इन जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है. इन इलाकों में कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं. जिलावार वर्षा के आंकड़े यहां देखें.

  1. बीरभूम में 229.8 मिमी (-39 प्रतिशत)
  2. पुरुलिया में 225.3 मिमी (-37 प्रतिशत)
  3. उत्तर दिनाजपुर में 363.4 मिमी (-35 प्रतिशत)
  4. मुर्शिदाबाद में 228.8 मिमी (-34 प्रतिशत)
  5. मालदा में 267.3 मिमी (-32 प्रतिशत)
  6. झाड़ग्राम में 257.1 मिमी (-32 प्रतिशत)
  7. पश्चिम बर्धमान में 288.4 मिमी (-21 प्रतिशत)

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उत्तर बंगाल के 4 जिलों में 1000 मिमी से अधिक वर्षा

IMD के आंकड़े स्पष्ट बता रहे हैं कि उत्तर बंगाल के अलीपुरदुआर, कूचबिहार, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिले में 1000 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हो चुकी है. बीरभूम, पुरुलिया, मुर्शिदाबाद और मालदा जिले में अब तक सूखे जैसी स्थिति है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में बनने वाली प्रणालियों से इन पिछड़े जिलों में बारिश की स्थिति सुधर सकती है.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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