झारखंड की मिट्टी की खुशबू नहीं भूले मॉरीशस के पूर्व डिप्टी PM की बेटी-दामाद, मां छिन्नमस्तिका के दरबार में टेका मत्था

Published by : Sameer Oraon Updated At : 14 Feb 2026 7:15 PM

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सचिता बुद्ध और अजय बुद्ध मंदिर के बाहर में

Rajrappa Chinnamasta Temple: मॉरीशस के पूर्व उप प्रधानमंत्री डॉ. हरीश बुद्ध की पुत्री सचिता और दामाद अजय बुद्ध ने रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा-अर्चना की. 110 साल पहले मॉरीशस गये पूर्वजों की यादों और अपनी जड़ों को तलाशने झारखंड पहुंचे इस परिवार का भव्य स्वागत हुआ.

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Rajrappa Chinnamasta Temple, रामगढ़ (सुरेंद्र कुमार): मॉरीशस के पूर्व उप प्रधानमंत्री डॉ. हरीश बुद्ध की बेटी सचिता बुद्ध और दामाद अजय बुद्ध शनिवार को रामगढ़ के रजरप्पा स्थित प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका के मंदिर पहुंचे. इस दौरान दोनों ने माता की विधिवत पूजा-अर्चना कर मत्था टेका और सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर परिसर में उनका भव्य स्वागत किया गया. सचिता और अजय का स्वागत बड़कागांव विधायक के पुत्र ऋतिक चौधरी और समाजसेवी पीयूष चौधरी के नेतृत्व आयी टीम ने किया. इस अवसर पर स्थानीय लोग और श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे.

जड़ों से जुड़ना ही सच्ची पहचान : अजय बुद्ध

पूजा-अर्चना के बाद सचिता बुद्ध ने कहा कि छिन्नमस्तिका मंदिर पहुंचकर उन्हें अत्यंत शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई. वहीं अजय बुद्ध ने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़ना ही सच्ची पहचान है और यही विकास की प्रेरणा भी देता है. उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज करीब 110 साल पहले मजदूरी करने के लिए मॉरीशस गए थे. वहां सभी लोगों गन्ने के खेतों में कड़ी मेहनत की. मेहनत और संघर्ष के बल पर भारतीय मूल के लोगों ने वहां अपनी अलग पहचान बनाई.

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बड़ी संख्या में बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग गये थे मॉरीशस

अजय बुद्ध ने बताया कि मॉरीशस में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग बिहार और उत्तर प्रदेश से गये थे. वहां की राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की मजबूत भागीदारी निभाई. जिस वजह से यह और सशक्त हुई. जब डॉ. हरीश बुद्ध उप प्रधानमंत्री बने तो वे समाज और प्रशासनिक सुधारों के समर्थक रहे. उनके नेतृत्व में भारत और मॉरीशस के संबंध और अधिक मजबूत हुए.

अजय बुद्ध ने बताया मॉरीशस को क्यों कहा जाता है छोटा भारत

अजय बुद्ध ने कहा कि डॉ. हरीश बुद्ध के कार्यकाल में भारत सरकार से लगातार संपर्क स्थापित कर सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूती दी गयी और प्रवासी भारतीय विरासत को सम्मान दिलाने में अहम योगदान रहा. इससे दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को नई दिशा मिली. यही कारण है कि मॉरीशस को ‘छोटा भारत’ भी कहा जाता है.

मॉरीशस के पूर्व उप प्रधानमंत्री पहले भी आ चुके हैं अपने पैतृक गांव

बताया जाता है कि पूर्व उप प्रधानमंत्री डॉ. हरीश बुद्ध इससे पहले भी दो बार अपने पैतृक गांव सिमरातरी आ चुके हैं. वे पहली बार वर्ष 1986 में और दूसरी बार 1991 में अपनी पत्नी सरिता बुद्ध के साथ यहां आए थे. उनकी पुत्री और दामाद का यह दौरा उसी विरासत और सांस्कृतिक जुड़ाव की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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